लखनऊ/अमेठी। अमेठी के नए जिलाधिकारी 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार सायं औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। वह इससे पहले यूपी इन्वेस्ट में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनात थे। जिला कोषागार में चार्ज लेने के दौरान मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहीं। पदभार ग्रहण करने के अगले ही दिन बुधवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनसे परिचयात्मक भेंट की।
नवागत जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं में कार्यप्रणाली की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
अनौपचारिक बातचीत में जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पात्रता के आधार पर किसी भी व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और इसके लिए गांव स्तर तक विशेष अभियान चलाकर सत्यापन कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आगे कहा कि शासन की योजनाओं—चाहे वह आवास, पेंशन, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा या स्वरोजगार से संबंधित हों—का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों का डेटा पारदर्शी तरीके से तैयार कर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या अपात्र लाभार्थी की स्थिति न बने।
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था, राजस्व कार्य, विकास योजनाएं और जनसुनवाई—इन चारों मोर्चों पर समान रूप से फोकस रहेगा। जनसुनवाई को और प्रभावी बनाते हुए आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। साथ ही, भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
जिलाधिकारी श्री चौधरी ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे टीम भावना के साथ कार्य करें और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर आमजन का विश्वास मजबूत करें।