प्रधानमंत्री मोदी ने किया सेमीकॉन इंडिया का उद्घाटन, कहा- दुनिया में निर्यात होंगी भारतीय चिप्स

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है और वह दिन दूर नहीं जब देश में बनी चिप्स दुनिया के बाजारों में पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन के बाद देश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र अब केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं है बल्कि इसका विस्तार विनिर्माण और उत्पादन तक हो रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जा रहा है। इसमें दुनिया भर की कंपनियां और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की चिप्स दुनिया भर में जाएंगी। उन्होंने पिछले कुछ समय में देश में हुई महत्वपूर्ण आर्थिक और तकनीकी प्रगति का भी उल्लेख किया। इनमें मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एजेंटिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता टोकनाइजेशन और क्वांटम तकनीक के जरिए वित्तीय सेवाओं को अधिक व्यापक बनाने पर हुई चर्चा भी शामिल रही।

प्रधानमंत्री ने लगभग 3000 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे के संचालन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन गलियारों से देश में माल की आवाजाही तेज होगी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी। उन्होंने भारत की संप्रभु साख में सुधार का जिक्र करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते वैश्विक भरोसे का संकेत बताया। भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और आम सहमति से नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाए जाने को भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते भरोसे से जोड़ा।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 के जरिए भारत के सेमीकंडक्टर तंत्र को छह प्रमुख स्तंभों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इनमें चिप डिजाइन मशीन और सामग्री फैब उन्नत पैकेजिंग अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं। सेमीकॉन 2.0 के लिए केंद्र सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। वैष्णव के अनुसार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के पहले चरण में 105 से अधिक स्टार्टअप चिप डिजाइन के क्षेत्र में काम कर रहे थे। अब सरकार का लक्ष्य कम से कम 200 चिप डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियों को आगे बढ़ाने का है। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार चार वर्ष में 85 हजार सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है जबकि पहले इसके लिए 10 वर्ष की समयसीमा तय की गई थी। देश के शैक्षणिक संस्थानों में भी सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार 300 से अधिक संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को चिप डिजाइन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेमीकॉन 2.0 का उद्देश्य डिजाइन से लेकर विनिर्माण पैकेजिंग अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन तक पूरे सेमीकंडक्टर तंत्र को मजबूत करना है।