भारत 8वीं बार बना विमेंस एशिया कप चैंपियन , फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया

दुबई । भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को हराकर आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारत ने दुबई में खेले गए इस मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से हराया। भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन बनाए। भारत के लिए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़े। जवाब में श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई।

महिला एशिया कप में भारत का दबदबा
भारतीय महिला टीम का एशिया कप में दबदबा बरकरार है। भारतीय टीम वनडे हो या टी20 इस टूर्नामेंट के हर प्रारूप में हमेशा खिताबी मुकाबले तक पहुंची है। भारत ने सर्वाधिक आठ बार खिताब अपने नाम किया है। भारत ने 2004, 2005, 2006, 2008 में वनडे प्रारूप और 2012, 2016, 2022 और 2026 में टी20 प्रारूप में एशिया कप अपने नाम किया है। उसे 2018 और 2024 में फाइनल में हार मिली थी।

लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। क्रांति गौड़ ने इमिशा दुलानी को बोल्ड कर श्रीलंका को पहला झटका दिया। दुलानी चार रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद कप्तान चामरी अट्टापट्टू और विश्मी गुणारत्ने ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी को दीप्ति ने अट्टापट्टू को आउट कर तोड़ा। चामरी 32 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 36 रन बनाए।

भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को फिर लगातार झटके दिए और मैच में टीम की वापसी कराई। दीप्ति ने विश्मा को बोल्ड कर श्रीलंका को तीसरा झटका दिया जो 22 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 20 रन बनाकर आउट हुईं। फिर श्री चरणी ने अपनी ही गेंद पर हर्षिता समरविक्रमा को आउट किया। हर्षिता नौ रन बनाकर आउट हुईं। श्री चरणी ने इसके बाद कविषा दिलहारी (7) और नीलाक्षी सिल्वा को अपना शिकार बनाया। नीलाक्षी 22 रन बनाकर आउट हुईं। श्रीलंका को फिर हसिनी परेरा (1) के रूप में सातवां झटका लगा। सुगंदिका कुमारी ने एक रन बनाए। भारत के लिए श्री चरणी ने सबसे ज्यादा चार विकेट झटके, जबकि दीप्ति शर्मा को तीन विकेट मिले। क्रांति गौड़, शेफाली वर्मा और प्रेमा रावत को एक-एक सफलता मिली।

इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी हुई। शेफाली वर्मा ने इस दौरान टी20 करियर का 21वां अर्धशतक जड़ा। इस साझेदारी को चामुदी प्रबोदा ने शेफाली को आउट कर तोड़ा। शेफाली 39 गेंदों पर नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 68 रन बनाकर आउट हुईं। इसके कुछ देर बाद मंधाना भी अपना विकेट गंवा बैठीं और 39 गेंदों पर पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 59 रन बनाकर आउट हुईं।

मंधाना और शेफाली ने भारत को दमदार शुरुआत दिलाई थी, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। जब मंधाना और शेफाली क्रीज पर थीं तो लग रहा था कि आसानी से भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंच जाएगा। लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अच्छी वापसी की। भारत का पहला विकेट 129 रन के स्कोर पर गिरा था, लेकिन टीम इंडिया ने 54 रन के अंतराल पर अगले चार विकेट गंवाए। भारत के लिए मंधाना और शेफाली के अलावा ऋचा घोष ने 17, हरमनप्रीत ने 14 और दीप्ति शर्मा ने पांच रन बनाए, जबकि जी. कमालिनी नाबाद 15 और भारती फुलमाली दो रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका की ओर से मिताली अयोध्या, चामरी अट्टापट्टू और चामुदी प्रबोदा को एक-एक विकेट मिले।