यमुना तट पर ‘कर्म पथ’ का विमोचन , शताब्दी वर्ष पर पूर्वजों के संस्कारों को मिला अमर स्वर

मथुरा । स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर यमुना के सुरम्य तट स्थित बंगाली घाट के यमुना महल में आयोजित गरिमामय समारोह में संस्कार, सनातन संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के जिला महानगर उपाध्यक्ष रामकिशन पाठक ने अपने स्वर्गीय पितामह रणछोड़ लाल कातिब के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उनकी स्मृति में प्रकाशित पुस्तक ‘कर्म पथ’ का भव्य विमोचन कराया। विमोचन समारोह में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, विधान परिषद सदस्य ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, गोवर्धन विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, मथुरा जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन निरंजन धनगर, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजू यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, वरिष्ठ अधिवक्ता उमाकांत चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी, कांतानाथ चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्यजनों ने सामूहिक रूप से पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर एवं चतुर्वेद समाज के गुरु आचार्य यदुनंदन बाबा महाराज ने वैदिक परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही वातावरण में श्रद्धा और संस्कारों की अनुभूति व्याप्त हो गई। मंचासीन अतिथियों ने स्वर्गीय रणछोड़ लाल कातिब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए उनके जीवन को संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक दायित्व का आदर्श उदाहरण बताया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की कथा नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी गाथा रहा है।

‘कर्म पथ’ को एक ऐसी धरोहर बताया गया जो पीढ़ियों के बीच संस्कारों का सेतु बनेगी। पुस्तक में उनके जीवन-वृत्तांत के साथ सनातन परंपराओं एवं धार्मिक संस्कारों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। समारोह में कहा गया कि बदलते समय में जब नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से दूर हो रही है, ऐसे में इस प्रकार के प्रयास समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। ‘कर्म पथ’ आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, संस्कार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देती है। पुस्तक विमोचन के दौरान सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा। उपस्थित जनसमुदाय ने इसे एक प्रेरणादायी और भावपूर्ण आयोजन बताया।