कांवड़ यात्रा को लेकर मथुरा प्रशासन अलर्ट: 80 किमी रूट पर ड्रोन-CCTV से निगरानी, DJ की ऊंचाई 12 फीट तय

​41 प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जल पुलिस और सेंट्रल कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर: SSP श्लोक कुमार

​मथुरा। सावन के पावन माह की शुरुआत के साथ ही कांवड़ियों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर मथुरा जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जनपद के 41 प्रमुख मंदिरों और करीब 80 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और अधिकारियों द्वारा ज़मीनी स्तर पर निरीक्षण जारी है।
कांवड़ मार्ग पर सभी क्षेत्राधिकारी और SDM लगातार भ्रमण कर रहे हैं तथा मार्ग की कमियों को तत्काल दूर किया जा रहा है।

कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे, पीए सिस्टम, जल पुलिस और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सभी कैमरों का एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया गया है। ​11 तारीख शिवरात्रि पर मंदिरों और घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर विशेष सुरक्षा व्यवस्था और जल पुलिस का व्यवस्थापन किया गया है।

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि 11 तारीख को शिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के लिए मंदिरों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यमुना घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस को तैनात किया गया है। पूरे 80 किलोमीटर के रूट और मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें सीधे सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जा रहा है। इसके अलावा ड्रोन के ज़रिए भी भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों पर नज़र रखी जाएगी।
​कांवड़ संघों के साथ आयोजित बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। एसएसपी ने बताया कि “पूर्व में हुई दुर्घटनाएं मुख्य रूप से डीजे की अत्यधिक ऊंचाई के कारण हुई हैं। इसलिए डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक न रखने की सख्त हिदायत दी गई है।” डीजे संचालकों को भी बुलाकर साउंड लिमिट में ही बजाने के निर्देश दिए गए हैं। ​कांवड़ यात्रा की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था का ध्यान रखते हुए कांवड़ मार्ग पर मांस/मीट की दुकानों का संचालन बंद रहेगा। प्रशासन की टीमें निरंतर भ्रमणशील रहकर कांवड़ियों के आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटी हुई हैं।