हांगकांग के हाई-राइज अपार्टमेंट्स में लगी भयंकर आग , 44 लोगों की मौत, 279 लोग लापता

हांगकांग । दुनिया में अपनी निराली चमक और दमक के लिए विख्यात हांगकांग अपने इतिहास की भयावह आग से जूझ रहा है। कल आठ बहुमंजिला आवासीय इमारतों (टॉवर्स) में लगी आग में आज सुबह तक 44 लोगों की जान चली गई। इनमें से चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन इमारतों में दमकल विभाग के कर्मचारी अभी भी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। एक टॉवर को सुरक्षित बताया जा रहा है। आग की लपटों से घिरे यह सभी टॉवर ‘ताई पो के वांग फुक कोर्ट’ क्षेत्र में हैं।

हांगकांग के सबसे ज्यादा पढ़े-जाने वाले अंग्रेजी दैनिक द स्टैंडर्ड ने इस त्रासदी के हर पहलू पर अपनी वेबसाइट के सुबह स्थानीय समयानुसार 06ः50 बजे के डिस्पैच में लिखा कि ‘ताई पो के वांग फुक कोर्ट’ में आग से मरने वालों की संख्या 44 हुई। यह घोषणा स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग ने की। सनद रहे भारत और हांगकांग के समय में ढाई घंटे का अंतर है। इसे इस तरह समझें जब भारत में सुबह के छह बजते हैं तो वहां की घड़ी साढ़े आठ बजा रही होती है।

द स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों ने पूरा ब्यौरा देते हुए आज सुबह कहा कि इस संबंध में भवन निर्माण कंपनी के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। दमकल विभाग के उप निदेशक चान हिंग-युंग ने पत्रकारों को बताया कि बचाव अभियान जारी है। आठ प्रभावित इमारतों में से एक को अभी भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन पर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मचारियों के आज दोपहर से शाम के बीच छत पर पहुंचने की उम्मीद है।

दमकल विभाग ने पुष्टि की है कि बचाव टीमों ने रातभर 13वीं और तीसरी मंजिल के बीच काम किया। सबसे ज्यादा प्रभावित मंजिलों में 5वीं से 18वीं हैं। एंबुलेस सेवा (न्यू टेरिटरीज़ ईस्ट) के अधिकारी चाउ विंग-यिन ने कहा कि लगभग 100 लोगों को किसी तरह बचाकर नीचे लाया गया। इनमें से 40 की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दमकल विभाग के सात जवान भी आग बुझाते समय झुलस गए।