मध्यप्रदेशः कुल बजट के बराबर ही कर्ज….?
हमारे मालवा में बहुत पुराने जमाने से एक कहावत प्रचलित है- ‘‘घर भाड़े…. दूकान भाड़े…. छोरा-छोरी जलेबी झाड़े’’ आज यह कहावत आर्थिक संकट के दौर में हम पर याने हमारे प्रदेश पर लागू हो रही है। मध्यप्रदेश पर मौजूदा हालात में पहली बार चार लाख…
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