White Paper ‘दस्तावेजी पत्रों’ की सियासत
श्वेत-पत्र का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन यह देश की आजादी के बाद से संसदीय परंपरा जरूर रहा है। श्वेत-पत्र किसी भी सरकार की प्रतिबद्धता का आईना होता है। उसमें सरकार की सोच, नीतियों और जन-कल्याण की योजनाओं का चेहरा झलकता रहता…
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