Browsing Tag

#God appears within himself

इनकी कृपा से स्वयं में भगवान देते हैं दर्शन, ऐसे होता है एहसास

पत्थर से निर्मित मूर्ति की पूजा कब होती है? जब मंत्र शक्ति द्वारा पुरोहित उसमें प्राण प्रतिष्ठित करते हैं। प्राण प्रतिष्ठा होने पर मूर्ति चैतन्य होनी चाहिए, लेकिन नहीं होती, जड़ ही रहती है। मनुष्य जड़ नहीं है, चलती-फिरती एक मूरत है। इसलिए…
Read More...