अनुज सिंघल
मथुरा। जाम के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद वाहन चालकों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। वाहन चालक आस पास के गावों के कच्चे, छोटे सम्पर्क मार्गो से गुजरने को मजबूर हो रहे हैं। कुम्भकरणी नींद से जागे एनएचएआई के अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन के जाम खुलवाने के सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। लम्बे जाम को लगे 72 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है।
सर्विस रोडों पर तालाब जैसे हालात बने हुये है। सडक पर भरा पानी बडे वाहनों को वहां से गुजरने में व्यवधान पैदा कर रहा है। बारिश बंद होने के बावजूद सर्विस रोडों से अभी पानी की निकासी के कोई ठोस इंतजाम नहीं किये गये हैं और जब तक सर्विस रोडों से पानी निकालकर वहां के गड्डो को भरा नहीं जायेगा हालात नहीं सुधर पायेगें। हालांकि प्रशासन ने निर्माणाधीन पुल की एक साइड को दोनों तरफ से गुजरने वाले वाहनों के लिये खोल दिया है। मगर हजारों की संख्या में फंसे बडे वाहनों को निकालने में खासी परेशानी आ रही है। सफर कर रहे वाहन चालक हाईवे और पुलिस प्रशासन को कोस रहे हैं। आगरा से दिल्ली रैफर किये गये मरीजों को ले जा रही दर्जनों एम्बूलेंस भी जाम यहां वहां फसी है। निर्माणाधीन सडक में गड्डे और जलभराव होने के कारण बार बार उनमें बडे वाहन फंस रहे हैं।
रविवार सुबह भी एक ट्रक सर्विस रोड में भरे पानी में फंस गया। जिसके कारण जाम के हालात बेकाबू हो गये। खराब सर्विस रोड पर दुपहिया वाहन चालक भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को और बुरा हाल है। लोग अपनी रोजमर्रा की जरुरत का सामान भी खरीदने बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यहां आसपास मौजूद स्कूलों ने भी जाम के ना खुलने तक स्कूलों के बंद रहने के नोटिस जारी कर दिये गये हैं। अब देखना होगा इस परेशानी से लोगों को कब तक राहत मिलती है।
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