मथुरा। अब मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण अवैध निर्माण पर सेटेलाइट से नजर रखेगा। इससे न केवल विभागीय अभियंताओं की मिली भगत की कारगुजारियों पर अंकुश लगेगा बल्कि अवैध निर्माण पर उच्चाधिकारियों की भी सीधी नजर पहुंच जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा मथुरा वृंदावन क्षेत्र के सुनियोजित विकास के साथ आम लोगों को बेहतर जन सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। इसके लिए मुख्यमंत्री निरंतर समीक्षा कर रहे हैं।
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि शहरी क्षेत्र के विकास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पिछली बरसात के मौसम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना किनारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने खादर क्षेत्र में निर्माण पर नाराजगी जाहिर की थी। इन स्थितियों को देखते हुए मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण पर कड़ी निगरानी के लिए सेटेलाइट की मदद लेने का फैसला किया है। इस कार्य में एचडीएफसी बैंक की मदद ली है। सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया की एचडीएफसी बैंक सेटेलाइट की इमेज उपलब्ध कराने के लिए एप तैयार कराएगी जो मथुरा वृंदावन के अवैध निर्माण से जुड़ी होंगी। निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रत्येक 15 दिन में सेटेलाइट से डिटेल मिलेगी। इसके आधार पर यह जानकारी हो जायेगी कि अमुक क्षेत्र में कहां किसने निर्माण किया है। अवैध निर्माण होने पर कार्यवाही की जा सकेगी। एचडीएफसी बैंक को इस मदद के लिए विकास प्राधिकरण कोई भुगतान नहीं करेगा। बैंक सीएसआर फंड से यह मदद करेगी ।
गौरतलब रहे कि अवैध निर्माण में अवर अभियंता और सहायक अभियंता की अधिकाश मामलों में मिली भगत रहती है। कार्यवाही उन्हीं प्रकरणों में होती है जहां उक्त अभियंताओं से निर्माण कर्ता की सेटिंग नहीं होती या फिर मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाता है। 90 प्रतिशत मामलों में संबंधित अभियंता निर्माण शुरू होते ही सौदेबाजी कर लेते हैं।
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