गोवंश संवर्धन कॉरपस फंड की हुईं स्थापना, वेतन से दिया 21 हजार रु का चैक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्य प्राथमिकता गोवंश संरक्षण को लेकर प्रदेश के एक जिला अधिकारी सबसे ज्यादा गंभीर नजर आते हैं वह है मुरादाबाद के मानवेंद्र सिंह। जिन जिन जनपदों में वह जिला अधिकारी रहे हैं वहां उन्होंने गोवंश के संरक्षण और उत्थान के लिए विशेष कार्य किए हैं। ललितपुर में तो उन्होंने जन सहयोग से करीब दो करोड रुपए की धनराशि एकत्रित कर निराश्रित असहाय गोवंश के लिए रहने और खाने का काबिले तारीफ इंतजाम किया था। ललितपुर में उन्होंने ग्राम पंचायत की कई एकड़ बंजर पड़ी भूमि पर प्रदेश की आधुनिक गौशाला बनाई जिसको देखने के लिए प्रदेश के उच्च अधिकारियों ने दौरा किया ओर वहा गोवंश के लिए उत्तम व्यवस्थाएं की सराहना की।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के गोवंश को लेकर बनाए गए ललितपुर मॉडल को मुख्यमंत्री योगी ने पूरे प्रदेश में लागू कराया और प्रदेश के सभी जिलाधिकारी की कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उनकी खुलकर तारीफ भी की थी। मानवेंद्र सिंह ने ललितपुर के बाद फर्रुखाबाद जिले में भी यह अभियान चलाया उसके बाद बरेली में वह गौ वंश संरक्षणअभियान को प्रारंभ करने वाले थे जब तक चुनाव आयुक्त ने उनको गलतफहमी के चलते हटाने के आदेश कर दिए थे। अब मुख्यमंत्री ने उनको जिलाधिकारी मुरादाबाद की जिम्मेदारी सौंपी तो उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही मुरादाबाद में संचालित सभी गौशाला का निरीक्षण करना प्रारंभ कर दिया। स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने पशु विभाग के अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। यहां उन्होंने गोवंश संवर्धन कारपस फंड की स्थापना की उसमे स्वयं के वेतन से ₹21 हजार रु का चेक देकर एक नई शुरुआत की है जिससे मुरादाबाद का समुचे यूपी में गोवंश के संरक्षण को लेकर नाम रोशन हो सके। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा अपनी तरफ से 21,000 रुपए का चेक गोवंश संवर्धन कॉरपस फंड में दिया गया है।
उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों से अपील की गई कि वह फंड में कम से कम 11,000 रुपए का योगदान करें। इस फंड में जमा धनराशि की ब्याज से सड़कों पर घूमने वाले असहाय बुजुर्ग अस्वस्थ आवारा गोवंश को उत्तम क्वालिटी का केल्शियम युक्त चारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा शीतकाल ग्रीष्मकल में उनके रहने की भी टीन शेड में समुचित व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह का इस बारे में कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाएं को आत्म निर्भर बनाएंगे ताकि वह गोबर से खाद अगरबत्ती लकड़ी आदि का उत्पाद बनाकर रोजगार भी बना सके। इसकी आय से गोशालाओ से जुड़े लोगों का भी भरण पोषण हो सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि फंड में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के अलावा आम नागरिक भी मदद कर सकते हैं इसके लिए वह अपर जिला अधिकारी गुलाब चंद्र चौधरी से संपर्क कर सकते हैं।
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