पीएम मोदी ने लाल किले पर 10वीं बार फहराया तिरंगा, परिवारवाद भ्रष्टाचार तुष्टिकरण जैसी बुराइयों से मुक्ति की अपील की

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 10 वीं बार ध्वजारोहण किया । उन्होंने करीब 90 मिनट का संबोधन दिया। अपने भाषण में पीएम ने 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि, अगले 5 साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में होगा। पीएम ने अपनी सरकार के कामों का 10 साल का हिसाब दिया। इस दौरान उन्होंने एलान किया कि, वे अगले साल फिर लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। 15 अगस्त के भाषण में भी पीएम ने इंडिया गठबंधन को निशाने पर लिया। पीएम ने राजनीति से परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण जैसी तीन बुराइयों से मुक्ति की अपील की।

लालकिले से अपने भाषण के जरिए पीएम मोदी ने 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 को लोकसभा चुनाव का एजेंडा भी तय कर दिया। पीएम ने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का बखान किया और भविष्य के लिए रोडमैप भी रखा। अपने 10 वें संबोधन की शुरुआत 140 करोड़ भारतीयों का परिवार कहकर की। अपने पूरे संबोधन के दौरान मोदी ‘मेरे परिवारजनों’ बोलते रहे। आमतौर पर वे अपने संबोधन में देशवासियों शब्द का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस बार पीएम लगातार परिवारजन शब्द इस्तेमाल करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने परिवारवादियों को भी निशाने पर लिया।

उन्होंने इतिहास का जिक्र कर आने वाले कल के लिए देशवासियों को आगाह किया तो भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण को लेकर किसी का नाम लिए बगैर विरोधी दलों पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि ये ऐसी चीजें हैं, जो हमारे देश के लोगों की आकांक्षाओं पर सवालिया निशान खड़े करती हैं। हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाना है। आज भ्रष्टाचार और परिवारवाद ने देश को जकड़ कर रखा है। इससे देश का दुर्भाग्य हुआ है। परिवारवादी पार्टियां का जीवन मंत्र ही यही है कि उनका राजनीतिक दल परिवार का, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए है। ये सामर्थ्य को स्वीकार नहीं करते हैं।

पीएम ने कहा कि उनका मूल मंत्र है उनका राजनीतिक दल परिवार का, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए काम करें। परिवारवाद और भाई-भतीजावाद प्रतिभाओं के दुश्मन होते हैं। तुष्टीकरण ने सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा नुकसान किया है। सामाजिक न्याय को तबाह किसी ने किया है तो वह तुष्टीकरण की राजनीति ने किया है। इसने सामाजिक न्याय को मौत के घाट उतार दिया है। अगर देश विकास चाहता है तो हमारे लिए आवश्यक है कि हम किसी भी हालत में भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश की सारी समस्याओं की जड़ में भ्रष्टाचार दीमक की तरह है। इसने देश के सामर्थ्य को बुरी तरह नोंच लिया है। यह मोदी के जीवन का कमिटमेंट है, यह मेरे व्यक्तित्व की प्रतिबद्धता है कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहूंगा। हमारे देश को परिवारवाद ने नोंच लिया है, इसने जकड़ कर रखा है। तीसरी बुराई है तुष्टीकरण। इसलिए मेरे प्यारे देशवासियों, हम इन तीन बुराई के खिलाफ पूरे सामर्थ्य से लड़ना है। ये ऐसी चीजें पनपी हैं जो हमारे देश की आकांक्षाओं का दमन करती है। हमें भ्रष्टाचार से मुक्ति पानी है। इस देश में पिछले नौ साल में दस करोड़ लोगों को मैंने गलत फायदा उठाने से रोक दिया। ये दस करोड़ लोग वो थे, जिनका जन्म ही नहीं हुआ था। वे विधवा, वृद्ध, दिव्यांग हो जाते थे। दस करोड़ बेनामी चीजों को रोका है। भ्रष्टाचारियों की संपत्ति पहले की तुलना में 20 गुना ज्यादा जब्त की है।