यमुना में 2010 जैसी आई बाढ़ की हालत हो गई मथुरा वृंदावन में , गोकुल बैराज पर स्टीमर पलटा

डीएम नगर आयुक्त एस डी एम सदर सहित अधिकांश अधिकारी कर्मचारी राहत बचाव कार्यो में जुटे
जयसिंह पुरा खादर में स्टीमर से बचाई लोगो की जान , बड़ी संख्या में लोगो ने किया पलायन

मथुरा। यमुना में निरंतर बढ़ रहे जल स्तर से नागरिकों के होश फाख्ता होने लगे है उधर जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी रात दिन वचाव की व्यवस्थाओ में जुटे हुए है। अफवाहों के कारण लोगों में भय व्याप्त हो रहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में है। राहत और बचाव कार्यो में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आम लोगो का मानना है कि यमुना जी की वर्तमान स्थिति 2010 जैसी बनी हुई है उस समय में भी आज जैसे मिलते जुलते हालत थे। संभावना: है कि मंगलवार से यमुना जल में गिरावट आना शुरू हो जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से जनपद वासियों के लिए अगले 48 घंटे संवेदन शील बताये जा रहे है। इससे पूर्व जिला प्रशासन द्वारा यह अवधि 24 घंटे बतायी गयी थी लेकिन बीती रात्रि दिल्ली में हुई तेज बरसात के बाद प्रशासन द्वारा अपने आंकडों में तब्दीली करते हुए लोगों से 48 घंटे तक यमुना नदी के समीप आने जाने की मनाही की जा रही है। बतादें कि जिले में यमुना का जल स्तर लगातार 4 दिन से बढ रहा है। जिसके चलते आज दोपहर 3 बजे तक प्रयागघाट का जल स्तर खतरे के निशान 166 सेमी से 0. 78 सेमी बढ़ कर 166.78 पर पहुंच गया है जिससे नदी के किनारे स्थित 116 गांव में से 8 गांव बाढ की चपेट में आ गये है। इसके साथ ही शहर के भी कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसमें गऊघाट और जयसिंहपुरा विरला मंदिर आदि क्षेत्र शामिल है। बाढ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांश गांव वृन्दावन के बताये जा रहे है। इसके अलावा दोपहर के बाद बाढ़ का पानी महावन के रमणरेती स्थित गुरूशरणानंद के आश्रम में भी प्रवेश कर गया है। जिलाधिकारी द्वारा बाढ प्रभावितों की मद्द के साथ ही बाढ़ के पश्चात उत्पन्न मच्छर जनित बीमारियों सहित विभिन्न समस्याओं के दृष्टिगत अधिकारियों की टीम लगायी गयी है।
बाढ़ की स्थिति को लेकर चौकन्ना जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जा रहा है। इस क्रम में आज डीएम श्री खरे ने वृन्दावन में केसी घाट को निरीक्षण करने के पश्चात हजारीमल सोमानी इंटर कॉलेज व नगर निगम के बालिका इंटर कॉलेज में बाढ प्रभावितों को ठहराने के लिए बनाये गये शरणालयों का निरीक्षण किया। शरणालयों में रह रहे लोगों के साथ डीम जमीन और चारपाई बैठकर उनके लिए सदर तहसील व नगर निगम की ओर से की जा रही खाने-पीने की व्यवस्थाओं की सापेक्ष जानकारी लेते देखे गये। इस दौरान डीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि कल रात से जनपद के 8 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये है। उक्त गांव के लगभग 400 गांव वासी और उनके पशुओं के लिए समीप वर्ती शिक्षण संस्थानों में शरण दी गयी है। शरणालयों पर व्यवस्था को डिप्टी कलैक्टर स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गयी है। जो यहां लोगों के साथ ही उनके मवेशियों के लिए भी खाने-पीने और चिकित्सा आदि की व्यवस्था मुहैया करा रहे है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के लिए जिला व तहसील स्तर पर टीमें गठित कर लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। जो संबंधित क्षेत्र में मच्छर जनित दवाएं छिडकाव सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहे है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने आम जन से अपील करते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों तक यमुना के समीप न जायें। यदि आपका कोई परिचित बाढ़ में फस गया है तो इसकी जानकारी बाढ़ चौकियों पर दें। वहीं जयसिंपुरा क्षेत्र से दोपहर में खबर आई की क्षेत्र में कुछ लोगों को बाढ़ के पानी में तैरता देख स्थानीय लोगों द्वारा बाढ चौकी पर सूचना दिये जाने के बाद पहुंचे स्टीमर ने लोगों को शरणालयों में पहुंचाया है। प्रशासन के साथ ही जन प्रतिनिधियों व समाजसेवी लोगों ने भी बाढ़ प्रभावितों को अपने स्तर से राहत देने का कार्य शुरू कर दिया है।

जान बचाने वालो को पड़े जान के लाले , स्टीमर पलटा
मथुरा। यमुना नदी इन दिनों रौंद्र रूप धारण किये हुए है। लगातार बढ रहे जल के कारण कई क्षेत्र बुरी तरह से जलमग्न है इनका तेज प्रवाह आफत बनकर टूट रहा है। नदी का एक ऐसा ही जबर्दस्त रूप गोकुल बैराज पर आज दोपहर देखने को मिला। महानगर के घाटों से ग्राम कढाई जा रहा एक स्टीमर गोकुल बैराज पर पुल की कोठी से टकरा कर पलट कर नदी की गहराई में जल समाधि ले गया। इस जल दुर्घटना में स्टीमर में बैठे गोताखोर जान बचाने के लिए चीखते हुए देखे गये। भला हो औरंगाबाद निवासी तैराक/ नाविक बंटी अपनी टीम के साथ वहां मौजूद था जिसने स्टीमर से गिरे गोताखोरों की चीखें सुन ली और नाव लेकर उस ओर दौड़ पड़ा तथा पांचों गोताखोरों को बचा लिया। इस दुर्घटना को देख रहे लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि ऐसे अनाडी पांच लोगों को किसने गोताखोर बनाकर स्टीमर पर चढा दिया।