नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु में बायजू रवींद्रन और उनकी कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के तीन परिसरों की तलाशी ली और जब्ती की कार्रवाई की है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा, “खोजों से यह भी पता चला है कि कंपनी को 2011 और 2023 के बीच 28,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, कंपनी ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के नाम पर इसी अवधि के दौरान विभिन्न विदेशी न्यायालयों को 9,754 करोड़ रुपये भी भेजे हैं।”
ईडी के एक सूत्र ने कहा कि पिछले दो वर्षो में बायजू’स के सीईओ रवींद्रन को कई बार बुलाया गया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए। सूत्र ने कहा, ईडी से बचने के लिए वह अपने परिवार के साथ दुबई चला गया। सूत्र के मुताबिक, ईडी के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था, उसने एक टीम भेजी, जिसने 27 अप्रैल को तलाशी अभियान चलाया, जो 28 अप्रैल की रात तक चला।
ईडी के सूत्र ने कहा, “हमारी जांच से सामने आया है कि बायजू’स ने भारतीय शिक्षकों को काम पर रखा और उन्हें ऑनलाइन ट्यूशन की सेवा में लगाया। शिक्षकों को विदेशी छात्रों को ऑनलाइन ट्यूशन कक्षाएं प्रदान करने के लिए कहा गया। बायजू’स ने अपने विदेश स्थित खाते में विदेशी बच्चों के माता-पिता से भी धन एकत्र किया।”
ईडी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने वित्तवर्ष 2020-21 से अपने वित्तीय विवरण तैयार नहीं किए हैं और खातों का ऑडिट नहीं कराया है, जो अनिवार्य है। ईडी अधिकारी ने कहा, “कंपनी द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों की वास्तविकता की बैंकों से जांच की जा रही है। विभिन्न निजी व्यक्तियों से प्राप्त विभिन्न शिकायतों के आधार पर मंच के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। संस्थापक और सीईओ बायजू रवींद्रन को कई सम्मन जारी किए गए थे। हालांकि, वह हमेशा टालमटोल करता रहा और जांच के दौरान कभी पेश नहीं हुआ।”