मथुरा। मथुरा-वृन्दावन सहित जिले के समेकित विकास को लेकर उ.प्र. पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम द्वारा की गई वीडियो कांफ्रेसिंग में निर्देश दिए गये है कि किसी प्रस्ताव को शासन के पास भेजने से पूर्व एनजीटी के नियमों की जानकारी, जमीन के ऑनर आदि की पूरी जानकारी कर ली जाये उसके पश्चात ही कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा पहले मथुरा और वृन्दावन के बीच छोटे-छोटे क्रूज चलाए जायेंगे उसके पश्चात क्रूूज आगरा तक यमुना नदी में चलाये जायेंगे। मथुरा के 48 वनों पर हुई चर्चा में तय हुआ कि अधिकांश स्थानों पर आबादी विकसित हो गई है इसलिए वहां बने कुण्डों के समीप सघन वृक्षावली (मिंयावती पद्धति) के हिसाब से तैयार की जाये। उन्होंने कहा पीपीपी मॉडल के हिसाब से काम करने पर राज्य सरकार 25 प्रतिशत धनराशि सब्सिडी के तौर पर सम्बन्धित कम्पनी को उपलब्ध कराई जाएगी ।
सोमवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग में मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार सिंह से प्रमुख सचिव पर्यटन श्री मेश्राम ने कृष्णा थीम पार्क, वृन्दावन स्थित पल्टीलेबिल पार्किंग के अलावा मथुरा वृन्दावन सहित समूचे जिले में प्रस्तावित पर्यटन विभाग से जुडे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे के समीप मथुरा जिले की सीमान्तर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मास्टर प्लान के तहत व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित मल्टीलेबिल पार्किंग के लिए नीरी से फिजीबिलटी की रिर्पोट ली जाये। पार्किंग में शॉपिंग कम्पलैक्स यात्री सुविधाएं, फूूड कोर्ट अवश्य बनने चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि केवल वाहन ही खडे करने की व्यवस्था न हो वरन समस्त सुविधाएं वहां उपलब्ध रहनी चाहिए।
प्राधिकरण सचिव को उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य प्रारम्भ होने से पहले ही एनजीटी को समस्त कार्यवाही से अवगत कराकर अनुमति ली जानी चाहिए। उन्होंने वृन्दावन में बन रहे ऑडिटोरियम के निर्माण की भी समीक्षा की जिस पर बताया गया कि अगले तीन माह में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। प्राधिकरण के सभागार में हुई वीडियों कान्फ्रेंस में अधिशासी अभियंता कौशलेन्द्र सिंह, एटीपी ऋचा कौशिक, अवर अभियंता सुनील अग्रवाल मौजूद रहे।
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