मथुरा। लाखों करोड़ों रुपए के प्रॉफिट का दावा करने वाली सार्वजनिक उपक्रम की कंपनी इंडियन ऑयल मथुरा रिफाइनरी के बैंक खाते को मथुरा वृंदावन नगर निगम द्वारा सीज करा दिया गया है। मथुरा रिफायनरी पर नगर निगम का करीब 80 लाख रुपए विभिन्न टैक्स का बकाया चल रहा है।
मथुरा वृंदावन नगर निगम की आयुक्त शशांक चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग द्वारा सभी नगर निगमों की वसूली अभियान की वर्चुअल समीक्षा की गयी जिसमें निर्देश दिये गये कि 5 लाख रु से बड़े बकायेदारों से वसूली हेतु सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये।
मथुरा रिफाईनरी के उपमहाप्रबन्धक (कर्मचारी सेवा) इण्डियन ऑयल काॅरपोरेशन को 6 जनवरी एवं 13 मार्च को लिखित में रू. 79,96,733/- की बकाया वसूली हेतु नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 504 एवं धारा 506 के अन्तर्गत बिल एवं मांग पत्र निर्गत किये गये किन्तु इसके बावजूद उपरोक्त धनराशि का भुगतान नगर निगम को नहीं किया गया। बार बार आग्रह किये जाने के बाबजूद भुगतान नहीं किया जिसके चलते उक्त धनराशि के बकाये का भुगतान न करने पर मथुरा रिफाईनरी, मथुरा के भा. स्टेट बैंक रिफायनरी शाखा में चल रहे खातों को सीज करा दिया गया है।
नगर आयुक्त श्री चौधरी द्वारा शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक रिफायनरी शाखा को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अग्रिम आदेश तक रिफाइनरी के बैंक खाते से नगर निगम मथुरा के अतिरिक्त अन्य किसी से कोई लेनदेन नहीं किया जाए तथा खाते से निगम की वसूली धनराशि का भुगतान यथाशीघ्र ड्राफ्ट आरटीजीएस या बैंकर्स चेक के माध्यम से कर दिया जाए।
नगर आयुक्त द्वारा कर विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पुराने बकायेदारों से तत्काल शत-प्रतिशत करों की वसूली कराना सुनिश्चित करें जिन बकायेदारों के द्वारा करों का भुगतान नहीं किया जा रहा है उन बकायेदारों के विरूद्ध नगर निगम अधिनियम के अनुसार कार्यवाही अमल में लायी जाये। ज्ञात रहे कि मथुरा नगर को मथुरा रिफायनरी द्वारा आज तक टैक्स के रूप में कोई भुगतान नहीं किया गया।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.