मथुरा वृंदावन में बेतहाशा बढ़े नगर निगम के टैक्स संबंधी आपत्तियों के निस्तारण से अधिकारियों की सांस फूली

मथुरा। मथुरा-वृन्दावन नगर निगम प्रशासन द्वारा कर निर्धारण लेकर धारा 213 के तहत जारी किये गये नोटिसों पर आई आपत्तियों का निस्तारण करने में निगम प्रशासन की सांसे फूलने लगी है। टैक्स पर मिलने वाली छूट की समय सीमा में विस्तार करने के बावजूद आपत्तियों की सुनवाई में जुटे अधिकारी-कर्मचारी अपने आप को थका महसूस कर रहे है। इस कार्य में लगे अधिकारियों की माने तो आपत्तियों की बावत अधिकारी कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। बता दें कि निगम द्वारा धारा 213 के तहत 40 वार्डो के 1 लाख 60 हजार लोगों को बढे हुए टैक्स के सापेक्ष नोटिस जारी कर किया था। 30 सितम्बर तक निगम के टैक्स को जमा करने पर नियमानुसार 10 प्रतिशत की छूट होती है जिसके चलते 7450 लोगों ने निगम द्वारा आरोपित करों के विरूद्ध आपत्ति दर्ज करायी थी। निगम प्रशासन द्वारा वर्तमान में 3150 नोटिसों पर सुनवाई की जा रही है। इसके अलावा बढी संख्या में लोग अपनी आपत्तियों का निस्तारण कराने के लिए कतार में खडे है।
प्राप्त आपत्तियों पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों की हालत खस्ता हो गयी है जिसे देखते हुए नगर आयुक्त ने टैक्स छूट की समय सीमा में एक बार फिर विस्तार कर इसे 30 सितम्बर के स्थान पर 30 नबम्वर कर दिया है। आपत्तियों पर कर निर्धारण अधिकारी रामेश्वर दयाल, कर अधीक्षक मथुरा उम्मेद सिंह व कर अधीक्षक वृन्दावन हरिकिशन गुप्ता कर रहे है। शोरूम एवं कॉमर्शियल भवनों की पत्रावलियों पर नगर आयुक्त अनुनय झा की स्वीकृति लेने के पश्चात संबंधित अधिकारियों द्वारा सुनवाई की जाती है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिव कुमार गौतम के अनुसार जितनी भी आपत्ति आ रही है उनका तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। ज्ञात रहे बीते दिन हुई निगम कैबिनेट की बैठक में पार्षदों ने नगर आयुक्त से टैक्स जमा करने पर मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट की अवधि 30 सितम्बर से बढ़ाकर 30 नवम्बर करने की मांग की थी जिस पर नगर आयुक्त ने डेट बढ़ाने पर सहमति प्रदान कर दी थी।