चांदी रत्नों से जड़े शेषावतार स्वरूप में चंद्र सितारे और ब्रह्मांड के बीच हुए गिर्राज जी के अलौकिक दर्शन

महालक्ष्मी के साथ विराजे गिरिराज, दर्शनों की आभा से निहाल हुए भक्त
उमड़ा विशाल जनसमूह, देश विदेश से आये हज़ारों श्रद्धालु
दर्शनों की आभा में हैरत में दिखे भक्त, 21 हजार किलो व्यंजनों के साथ विराजे गिरिराज
असली हीरे पन्ने मोती नीलम पुखराज से हुआ श्रृंगार, हीरे जड़ी बांसुरी बजाते नजर आये प्रभु
विदेश से आये फूलों से सजी तलहटी

मथुरा। गिरिराज सेवा समिति के तत्वाधान में हुए आयोजन में गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में अलौकिक छप्पन भोग दर्शन की ऐसी आभा बिखरी कि श्रद्धालु सुधबुध खो प्रभु को एक टक निहारने को आतुर दिखे सप्त रत्नों और चाँदी रत्नों से सजे शेषावतार पर सवार गिरिराज प्रभु के साथ महालक्ष्मी जी विराज रही थी ऐसे दर्शनों के लिए जनता का सैलाब उमड़ता रहा। हर कोई अपने प्रभु के दिव्य दर्शन को आतुर दिखा और प्रभु प्रेम की दीवानगी ऐसी कि प्रभु को एकटक निहारते ही रहे लोग। श्रद्धालु भक्तिविभोर होकर नाचने झूमने लगे कई श्रद्धालुओं के आंखों में खुशी और प्रेम के आँसू झलक उठे शहनाई की सुरीली धुन और ब्रज के रासलीला के बीच भक्त झूम झूम नृत्य करते दिखाई दिए।
छप्पन भोग मेले में हजारों श्रद्धालु झूमते दिखे इससे पूर्व ब्रज के हजारों साधु संतों ने प्रसाद लिया साधु संतों को समिति ने भरपूर दान दिया। दोपहर खुले दर्शनों के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता रहा। छप्पन भोग स्थल पर पहुंचने के लिए हर व्यक्ति आतुर दिखा भक्त कैसी भी परेशानी उठा इन दर्शनों का मोह नहीं छोड़ पा रहे थे।
परिक्रमा मार्ग में वाहन प्रतिबंधित होने से श्रद्धालु ई-रिक्शों से छप्पन भोग में पहुंचे तब भी श्रद्धालुओं का उत्साह रुक ना सका।
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने कहा कि इस दुर्लभ क्षण का हर कोई साक्षी बनने को बेताब दिखना ये प्रभु के प्रति सबका प्रेम है।
गिरिराज सेवा समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती दिनेश सादाबाद राजेन्द्र सर्राफ भगवान दास खंडेलवाल हरीश गिलट विनय् अग्रवाल मुरारी सरन सर्राफ नीरज गोयल मुख्य सयोंजक राघवेंद्र गर्ग दिनेश मंगल बनबारी लाल अग्रवाल पंकज जौहरी अरविन्द विसावर अनमोल विसावर कपिल अग्रवाल महावीर अग्रवाल संजय जिंदल अमित मर्बिल अमरनाथ गोयल राजीव अग्रवाल अंकित बंसल आदि ने हजारों श्रद्धालुओं का पटुका पहनाकर स्वागत किया।