ईश्वर के साक्षात्कार रूप के दर्शन से मन में व्याप्त कुरीतिया हो सकती है समाप्त: साध्वी देवी निधि

मथुरा। आध्यात्मिक भक्ति ज्ञान केंद्र के सानिध्य में नारायनेश्वर महादेव मंदिर नगला नारायण सिंह कोसी खुर्द मथुरा में व्यास देवी चरण शास्त्री की शिष्या देवी निधि शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान अपने प्रवचनों की ऐसी अमृत बरसा की कथा में मौजूद श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
भागवत कथा में प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि हर रोज मां प्रकृति का दोहन हो रहा है कही गर्भ में बेटियों को मारा जा रहा है तो कहीं पेड़ काटे जा रहे हैं । साध्वी जी ने कहा जैसे कंस का वध प्रभु ने किया ठीक वैसे ही समस्त कुरीतियों की उपज हमारा मन भी ब्रह्म ज्ञान के द्वारा ईश्वर के साक्षात्कार रूप के दर्शन करने से बदल सकेगा। श्रीमद् भागवत ज्ञान की संपूर्ण आहुति पूर्ण कर सभी भक्तों प्रेमियों ने पुण्य लाभ कमाया। इस कथा का साईं स्टूडियो द्वारा नि:शुल्क प्रसारण किया गया ।
इस अवसर पर गोवर्धन ब्लॉक प्रमुख विपिन कुंतल मूलचंद कुशवाहा डॉ चरण लाल कुशवाहा ललित कृष्ण शास्त्री देवी अंजली शास्त्री अनु शास्त्री सीता राम आदि उपस्थित रहे। भागवत कथा में व्यास देवी चरण शास्त्री ने संकल्प लिया कि अपने जीवन काल में हम को अधिक से अधिक भागवत रूपी वटवृक्ष की स्थापना करनी चाहिए।