लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में हार के बाद राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी पार्टी की ओवहालिंग में जुट गए हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी प्रकोष्ठों और इकाइयों को भंग कर दिया है। इसके साथ ही 21 मार्च को नव निर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है। जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली रालोद जो 2017 के चुनावों में एक सीट पर सिमट गई थी, इस बार 33 सीटों पर लड़ी और उनमें से आठ पर जीत हासिल की। इस लिहाज से देखा जाए तो रालोद की सीटों में इजाफा हुआ है लेकिन उसे जितना विश्वास था वैसी सफलता नहीं मिल सकी है। किसान आंदोलन और खासकर लखीमपुर हिंसा के बाद उपजे हालात में सपा-रालोद गठबंधन इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत की उम्मीद लगाए बैठा था लेकिन भाजपा ने धुआंधार प्रचार अभियान, प्रदेश और केंद्र सरकार की उपलब्धियों और अपने रणनीतिक कौशल से उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बताया जा रहा है कि जयंत चौधरी यूपी चुनाव नतीजों के बाद पार्टी के खराब प्रदर्शन की समीक्षा में जुटे हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से पार्टी की सभी इकाइयों और प्रकोष्ठों को भंग करते हुए बड़े फेरबदल के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही नए पदाधिकारियों के नामों का ऐलान करेंगे। इसके साथ ही रालोद की तरफ से बताया गया है कि 21 मार्च को पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी। बैठक में जयंत चौधरी मौजूद रहेंगे। यह बैठक पार्टी के लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय पर बुलाई गई है।
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