समाचार पत्र प्रकाशको के हित में केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री को लिखा पत्र
नई दिल्ली । आल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम न्यूज़पेपर्स फेडरेशन नई दिल्ली की साधारण आम सभा की संपन्न हुई वर्चुअल बैठक में सरदार गुरिन्दर सिंह को सर्वसम्मति से अगले कार्यकाल के लिए पुन: राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया हैं । इनके अलावा राष्ट्रीय महासचिव पद पर भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य अशोक कुमार नवरत्न को नियुक्त किया गया । श्री नवरत्न के नाम का प्रस्ताव हाजी मोहम्मद हफीजुल्लाह खां पवन सहयोगी (रोजाना ) संजय शर्मा (एन सी आर टूडे ) हरपाल सिंह यादव दिनेश शक्ति तिरखा देहरादून आदि ने किया जिसका सभी ने समर्थन किया । यह जानकारी फेडरेशन की उत्तर प्रदेश राज्य शाखा के वाईस प्रेसीडेंट आसिफ जाफरी (विक्रांत) ने दी है ।
राष्ट्रीय सचिव से महासचिव के पद पर मनोनीत हुए वरिष्ठ पत्रकार अशोक नवरत्न ने अपनी नियुक्ति पर संगठन के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वह सदैव से ही प्रकाशक और पत्रकारों के संघर्ष की लड़ाई लड़ते रहे हैं भविष्य में भी वह अपने प्रयास जारी रखेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को एक पत्र लिखकर अवगत कराया है कि समाचार पत्र उद्योग को जबसे जीएसटी के दायरे में लाया गया है तबसे समाचार पत्रों के प्रकाशन में काफी लागत बढ़ गई है । कारण साफ है कि अखबारी कागज पर जीएसटी लागू होने से अखबारों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है । अखबारों के प्रकाशन में आने वाली वस्तुओं के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि हुई है । कागज की कीमतों में दोगुनी वृद्धि हुई है । एल्मुनियम प्लेट, इंक व केमिकल्स के मूल्यों में भी अनाप शनाप बढ़ोत्तरी होने से इस अखबारी उद्योग की कमर टूट गई है । लोक संपर्क ब्यूरो (DAVP) की विज्ञापन दरों में अविलम्ब दोगुनी वृद्धि आवश्यक हो गई है । रेट स्ट्रक्चर कमेटी के नाम पर समय व्यतीत किया जा रहा है । सरकार के पास सारे आँकड़े मौजूद रहते है । मूल्य सूचकांक के आधार पर भी विज्ञापन दरों का निर्धारण हो सकता है । जिस प्रकार से सरकार मँहगाई भत्ता अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्धारित करती है उसी नीति व रीति से DAVP की विज्ञापन दरों को पुनर्निर्धारण किया जाना चाहिए ।
ऑल इंडिया स्माल न्यूज पेपर फेडरेशन के नव मनोनीत महासचिव ने पत्र में एक और सुझाव है कि छोटे व मझौले अखबारों की दयनीय स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए 10 हजार की प्रसार संख्या तक रुपये 30 प्रति वर्ग सेमी. व 25 हजार की प्रसार संख्या तक रुपये 50 प्रति वर्ग सेमी. की विज्ञापन दर निर्धारित किया जाना उचित होगा । इससे प्रसार संख्या की जांच कराने की भी आवश्यकता नहीं रहेंगी ।
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