मथुरा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में मथुरा-वृन्दावन नगर निगम को देश में 83 वां स्थान हांसिल हुआ है वही यूपी के दस लाख तक की आवादी वाले शहरों में पांचवा स्थान मिला है। यह सर्वेक्षण निवर्तमान नगर आयुक्त रवीन्द्र कुमार मांदड़ के कार्यकाल के दौरान हुआ था। शनिवार को देश भर में स्वच्छता सर्वेक्षण जारी हुए जिसमें पांचवी बार इंदौर प्रथम स्थान पर काबिज रहा। उत्तर प्रदेश का कोई भी शहर टॉप टेन में शमिल नही हो सका। 2020 के सर्वेक्षण में मथुरा 58 वें स्थान पर आया था।
मथुरा-वृन्दावन नगर निगम के आयुक्त अनुनय झा ने इन परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि नये सर्वेक्षण 2020 में हमारी रैकिंग काफी बेहतर होगी। बतादें कि सन् 2018 में नगर निगम मथुरा-वृन्दावन को 428 वीं रैंक मिली थी, 2019 में सर्वेक्षण में 133 रैंक एवं फास्टेस्ट सिटी का अवार्ड मिला था। 2017 में निगम का गठन हुआ था। अब योजनावद्ध तरीके से साफ-सफाई पर पूरा फोकस रखा जा रहा है। सफाई के नये अत्याधुनिक उपकरण आने से सफाई का स्तर काफी तेजी से सुधर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के वार्डो में भी सफाई को प्राथमिकता पर रखा गया है।
देश में एक बार फिर इंदौर ने स्वच्छता सर्वेषण में बाजी मार ली है, इसी तरह इंदौर पांचवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 परिणाम की घोषणा के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर को यह अवार्ड दिया। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भी इंदौर नंबर वन बन गया है। राष्ट्रपति ने इंदौर की तारीफ करते हुए कहा कि इस वर्ष इंदौर ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना तो प्रशंसनीय है, लेकिन लगातार 5 बार पहले नंबर पर बने रहना बड़ी बात है। 10 लाख आबादी वाले शहरों में मध्य प्रदेश का इंदौर पहले नंबर पर रहा, भोपाल सातवें, ग्वालियर 15वें और जबलपुर 20वें नंबर पर रहा। वहीं एक लाख से 10 लाख तक आबादी वाले शहरों में मध्य प्रदेश के 25 शहरों के नाम है। 50 हजार से एक लाख आबादी वालों में 26 शहरों के नाम है। 25 हजार आबादी वाले शहरों में 26 शहरों के नाम है।