पुराने जमाने में विधवायें सफेद साड़ी पहनकर रहती थी लेकिन आज रंगीन कपड़े पहनकर बैठी हैं यह एक क्रान्तिकारी परिवर्तन: कोविन्द

कम उम्र की विधवाओं को पुर्नविवाह का अधिकार मिलना चाहिए: आनंदी बेन

बनारस, आयोध्या, गोरखपुर और प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी निराश्रित महिलाओं के लिए कृष्णा कुटीर जैसे आश्रम बनाये जायेंगे : योगी

मथुरा । राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कृष्णा कुटीर में विधवा एवं निराश्रित महिलाओं से मुलाकात करने के दौरान कहा कि सभी माताओं में यशोदा मां की ममता और मीरा बाई के समर्पण के दर्शन हो रहे हैं। मां अनेकों कठिनाइयों को सहन करके अपने पुत्रों का पोषण करती है तथा उन्हें काम योग्य बनाती है। लेकिन समाज के कुछ व्यक्तियों महिलाओं को उपेक्षित करके जीवन अकेला गुजारने के लिए मजबूर कर दिया जाता है। किन्तु हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। इसलिए हमें माता और बहनों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेदों की रचना करने वाली लोपामुद्रा, अपाला और भोसा जैसी अखियों वाले समाज में महिलाओं के तिरस्कार की स्थितियां बनती हैं यह भी एक कडवा सच है। हमें बाल विवाह, सतीप्रथा और दहेज प्रथा की तरह विधवा जीवन की कुरीति को भी समाज से दूर करना होगा। हमें इसके लिए पूरे समाज का नजरिया बदलने की आवश्यकता है। समाज को जागृत होना होगा और अनेक संतो और समाज सुधारकों को तिरस्कृत माता और बहनों के जीवन को सुधारने के लिए राजाराम मोहन राय, ईश्वरचन्द विद्या सागर और स्वामी दयानन्द जैसे प्रयासों को करना होगा।
अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी द्वारा सभी माता और बहनों के जीवन को सुगम और सरल बनाने के लिए प्रदेश में किये जा रहे कार्य बहुत उत्तम है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कृष्णा कुटीर का निर्माण किया गया है। अब कृष्णा कुटीर को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हाथों में लेकर वृन्दावन की माता एवं बहनों के लिए मासिक पेंशन की भी व्यवस्था की गई है और माताओं की देखभाल केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर कर रही है।
राष्ट्रपति श्री कोविन्द ने कहा कि मेरा विचार है कि समाज में इस प्रकार के आश्रम गृहों की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए हम एक ऐसा माहौल बनायें जिसमें समाज में जागरूकता उत्पन्न हो और महिलाओं के पुर्नविवाह, आर्थिक स्वावलंम्बन परिवारिक सम्पत्ति में हिस्सेदारी सामाजिक अधिकारों की रक्षा जैसे उपाये किये जायें और उन्हें आत्मसम्मान तथा आत्मविश्वास से भरपूर जीवन को जीने का अवसर दिया जाये। माताओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाये और उनका सम्पर्क बढ़ाया जाये तथा तीज त्यौहारों में भी उनको शामिल किया जाये। उन्होंने प्रशंसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पुराने प्रचलन में विधवायें सफेद साड़ी पहनकर रहती थी लेकिन आज रंगीन कपड़े पहनकर बैठी हैं। यह एक क्रान्तिकारी परिवर्तन है। बदलते भारत की तस्वीर हमारी मातायें भी देखना चाहती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और सुलभ इण्टरनेशनल संस्था के संस्थापक बिन्देश्वरी पाठक एवं अन्य समाज सेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि आश्रम में रहने वाली माताओं को देश व प्रदेश के दर्शन कराये जायें।
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ब्रज की भूमि को पवित्र बताते हुए कहा कि यह राधा और कृष्ण की लीलाओं की स्थली है यहां अनेकों प्रसिद्ध मन्दिर जैसे श्री बिहारी जी, गोविन्द जी, राधाबल्ल्भ, निधिवन, वैष्णों देवी आदि विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि वृन्दावन की प्राकृतिक छटा देखने योग्य है यह नगर हिन्दू समाज की धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा है। यही कारण है कि अनेक विधवा महिलाओं को वृद्धावस्था में यहां जीवन यापन करने के लिए छोड़ दिया जाता है। यहां प्रदेश ही नहीं अनेक देश व प्रदेशों से महिलायें आती है। वर्तमान में कृष्णा कुटीर आश्रम में 157 महिलायें जीवन यापन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कृष्णा कुटीर आश्रम में एक हजार महिलाओं के रहने की व्यवस्था है जिसका प्रबंध केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर कर रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि जहां भी विधवा एवं निराश्रित महिलायें परेशान हों उन्हें लाकर इस आश्रम में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी कभार कम उम्र में महिलाओं की शादी कर दी जाती है। कम उम्र की विधवाओं को पुर्नविवाह का अधिकार मिलना चाहिए। इस समाजिक परिवर्तन के लिए समाज के साथ-साथ समाजिक संस्थाओं और आम लोगों को आगे आने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द उनकी पत्नी श्रीमती सविता कोविन्द एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है कि जब शायद पहली बार देश के राष्ट्रपति ने महिलाओं के साथ संवाद करके उनके दुख दर्द को समझा है उनका यह कार्य रूढ़िवादी व्यवस्था पर एक प्रहार है जो व्यक्ति के जीवन की प्रगति को रोकने का कार्य करता है और मानवीय संवेदना को तार-तार करता है। श्री बांके बिहारी जी दर्शन के पश्चात इन महिलाओं से संवाद बनाया है जिसके लिए मैं उनका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हॅू। केन्द्र व राज्य सरकार का उददेश्य है कि इन महिलाओं का जीवन सुगमता से व्यतीत हो और इन्हे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
श्री योगी ने कहा कि राधारानी की छांव के तले भक्तों के इस अभियान के साथ अपने आपको समर्पित कर देना का अवसर मुझे भी प्राप्त हुआ है। कृष्णा कुटीर आश्रम में कुछ महिलायें भजन संध्या कार्यक्रम संपन्न करती हैं तो कोई अगरवत्ती बनाना, तुलसी की माला पिरौने आदि का काम करके अपने को व्यस्त रखती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की अराधना करके मुक्ति के मार्ग को प्रस्तत करती हैं। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय मथुरा, मेडिकल कॉलेज आगरा आदि के माध्यम से इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री मंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत माताओं को स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृन्दावन की माताओं द्वारा बनाया गया रंग और गुलाल दूर दूर तक राज्य सरकार की मदद से पहुॅचाया जा रहा है। फेस पाउडर बनाने की सुविधा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही है इसके साथ ही स्वावलम्बी बनाने तथा प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम को बेसिक शिक्षा परिषद के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के भोजन की व्यवस्था में मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि वृन्दावन के साथ साथ बनारस, आयोध्या, गोरखपुर और प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी निराश्रित महिलाओं के लिए इस प्रकार के स्थल निर्माण करने की कार्यवाही को बढ़ाये जाने का कार्य किया जा रहा है जिससे कोई माता या बच्चे का पालन अपने आपको निराशा महसूस न कर सके।
राष्ट्रपति का कृष्णा कुटीर पहुंचने पर आश्रम में रहने वाली 05 माताओं द्वारा गीत गाकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रपति द्वारा माताओं के लिए बनाये गये अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने वृद्ध माताओं को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने माताओं द्वारा बनाये गये विभिन्न प्रकार के उत्पादों का अवलोकन किया जिसमें मुख्य रूप से कण्टीमाला तुलसी माला आचार अगरबत्ती श्रीकृष्ण एवं राधारानी के पोशाकों का भी अवलोकन कर उनके कार्यो की प्रशंसा की। राष्ट्रपति द्वारा 05 निराश्रित माताओं को कान की मशीन, साड़ी व जरूरी सामग्री, चश्मा साड़ी सहित जरूरत के अन्य समान भेंट किए।