वृंदावन में भीड़ को कंट्रोल करने में मथुरा प्रशासन हुआ फेल , लोकल जनता का जीना हुआ दुश्वार
वृन्दावन । नगर के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन को आने वाले श्रद्धालु धक्के खा रहे हैं। भीड़ नियंत्रण में प्रशासन फेल हुआ, तो आसपास रह रहे लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई। लोग भीड़ के कारण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। न बुजुर्ग दवा लेने जा पाते हैं और न ही बच्चों का आसानी से स्कूल आना जाना होता है। बाजार में अधिक भीड़ के कारण व्यापार भी पूरी तरह चौपट हो रहा है। जिला प्रशासन ने भीड़ के आगे एक दम हार सी मान ली है। उसके पास भीड़ को नियंत्रित करने की कोई प्लानिंग नहीं है।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में बीते एक वर्ष से भक्तों की भीड़ बढ़ी है। भीड़ नियंत्रण के प्रशासन के सारे दावे फेल हो गए हैं।

हाल ये है कि अब सप्ताह के सातों दिन अधिक भीड़ होने के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। सामान्य दिनों में भी अब करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन को पहुंच रहे हैं। मंदिर के अंदर तो भीड़ का दबाव रहता है, बाहर भी गलियों में पैर रखने की जगह नहीं बचती। मंदिर की गलियों में जिनके मकान हैं, वह मुश्किल में फंस गए हैं। गली पूरी तरह भीड़ से अटी होने के कारण वह घर में कैद होकर रह गए हैं, जितनी देर मंदिर के पट खुलते हैं, वह बाहर नहीं निकल पाते। घर के जरूरी काम तक नहीं हो पाते हैं। स्कूल वाहन काफी दूर ही बच्चों को छोड़ देते हैं। गलियों में भीड़ इतनी अधिक होने लगी है कि यहां पर व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीड़ में धक्का-मुक्की करते श्रद्धालु दुकानों तक नहीं पहुंच पाते हैं।