मथुरा में फर्जी रूप से युवक को सट्टा करने के आरोप में गिरफ्तार करने वाले थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी निलंबित
भ्रष्ट थाना प्रभारियों खिलाफ एसएसपी की सख्त कार्रवाई जारी
मथुरा। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए एसएसपी ने सख्त कार्रवाई करना प्रारंभ कर दिया है। 2 दिन पूर्व उन्होंने बरसाना थाना प्रभारी को शराब की बोतल मांगने पर निलंबित किया तो बीती रात्रि एक युवक को फर्जी तरीके से सट्टा करने के आरोप में गिरफ्तार करने पर गोवर्धन थाने के प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों का कहना है कि गोवर्धन थाना अध्यक्ष द्वारा एक युवक को अपने तीन खास पुलिस कर्मी और एक दरोगा से थाने पर बुलवाया गया। थाना प्रभारी ने उसे हड़काया कि वह उसको सट्टा करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज देंगे। बचना है तो मैं उन्हें रुपए दे। युवक ने उन्हें जैसे तैसे करके बड़ी धनराशि दे दी। उसके बाद थाना प्रभारी ने उसको थाने से जाने दिया। और देर सांय उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया। थाने के सीसीटीवी कैमरे में युवक का आना-जाना सभी रिकॉर्ड हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा के दानघाटी मंदिर के समीप मयंक भट्ट पुत्र प्रदीप कुमार जूता चप्पल की दुकान करता है। 8 मई की शाम को थाना पुलिस उसकी दुकान पर पहुंची और उसको उठा कर थाने ले गई। बताया गया की उसको राधाकुंड रोड पर गौडिया मठ के पास सट्टे की खाई बाड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। परिजन मयंक को छुडवाने में जुट गए। आरोप है की देर रात उसको सट्टे का मुकदमा लिख कर लेनदेन कर थाने से ही जमानत दे दी गई। इस बात की चर्चा भी कस्बे में फेल गई।
घटना से आहत पीड़ित मयंक ने 11 मई को मथुरा पहुंच कर एस एस पी डा. गौरव ग्रोवर से गोवर्धन थाना पुलिस की करगुजारी की लिखित शिकायत की। एसएसपी ने गोपनीय तरीके से अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद को इसकी जांच सौंपी। उन्होंने जांच में आरोप सही पाए जिसकी रिपोर्ट मिलने पर एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार द्विवेदी और दरोगा योगेश कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी क्रमश: पवन कुमार अमित कुमार मनोहर सिंह को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए ।
एसएसपी की लगातार दो थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।