मथुरा। एंटी करप्शन की टीम ने गुरूवार को 3 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए शिक्षा विभाग के एक लेखाकार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही से कार्यालय में हड़कम्प मच गया, सभी लिपिक अपनी-अपनी सीट से रफूचक्कर हो गये। इस संबंध में थाना हाईवे में मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है।
सदर थाना कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन क्षेत्र स्थित जिला पंचायत कार्यालय प्रांगण में वित्त एवं लेखाधिकारी विभाग का दफ्तर है। एंटी करप्शन की टीम ने आज वहां लेखाकार कैलाश चंद्र को 3 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बताया जाता है कि यह बाबू अध्यापकों का वेतन एरियर आदि के भुगतान का कार्य देखता है।
एंटी करप्शन टीम आगरा के प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह के अनुसार सहायक अध्यापक बनैसिंह का 2018-19 का एरियर लम्बित चल रहा था।
बीते फरवरी माह में खण्ड विकास अधिकारी ने पत्रावली पूर्ण करके भेज दी थी। उसके बावजूद एरियर का बिल नहीं बनाया गया जिस पर बनैसिंह ने लेखाकार कैलाश से बातचीत की तो उसने 5 हजार रूपये मांगे, दो हजार रूपये पहले ही ले लिए। बनैसिंह ने कहा भुगतान के पश्चात वह रूपया देगा लेकिन कैलाश बाबू नहीं माना। उसके बाद एंटी करप्शन को शिकायत की जिस पर आज बकाया राशि तीन हजार रूपये लेते हुए कैलाश को गिरफ्तार कर लिया गया।
इंस्पैक्टर शिवराज सिंह के अनुसार रिश्वतखोर लेखाकार को मेरठ न्यायालय में पेश किया जायेगा। विभाग के मुखिया वित्त अधिकारी राहुल यादव का कहना है कि वह मथुरा ब्लॉक पर ऑडिट कार्यवाही में व्यस्त है। उनको अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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