निधिवनराज की परिक्रमा करने वाली पहली राष्ट्रपति बनी द्रौपदी मुर्मू

वृंदावन। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवाऱ को वृंदावन के रहस्यमय और पौराणिक स्थल निधिवन पहुंचीं। राष्ट्रपति ने यहां लगभग 500 मीटर तक पैदल भ्रमण किया और परिक्रमा कर निधिवनराज के दर्शन किए। उन्होंने प्राचीन वृक्षों का अवलोकन किया और सेवायतों से निधिवन के महत्व की जानकारी भी ली।
परंपरा अनुसार उन्होंने पूजन-अर्चन कर देश और प्रदेश की समृद्धि व शांति की कामना की। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति का आध्यात्मिक और भावुक स्वरूप देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि महामहिम द्रौपदी मुर्मू निधिवन पहुंचने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी हैं। उनके इस आगमन को ब्रजवासियों ने गौरव और आस्था का क्षण बताया।
वृंदावन स्थित निधिवन को ब्रजभूमि का सबसे रहस्यमय स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहां आज भी रात्रि में स्वयं श्रीकृष्ण और राधारानी रास रचते हैं। इसीलिए सूर्यास्त के बाद निधिवन में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहता है। यहां के वृक्षों की संरचना, जुड़ी टहनियाँ और वातावरण भक्तों में अद्भुत आस्था जगाता है।
राष्ट्रपति के आगमन ने इस पवित्र स्थल के महत्व को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया है। यह वही स्थली है जहाँ बिहारीजी का प्राकटय हुआ था। हरिदास जी की यह आराधना स्थली भी है।