11 महीने बाद भी मूल विद्यालय नहीं लौटे शिक्षामित्र, सीडीओ से लगाई गुहार
शासनादेश के बावजूद मथुरा में नहीं हुआ समायोजन, 60 से 70 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाने को मजबूर हैं शिक्षामित्र
मथुरा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता से मुलाकात कर शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने की मांग उठाई। संघ के जिला अध्यक्ष खेम सिंह चौधरी ने सीडीओ को लिखित मांग पत्र सौंपकर शासनादेश के बावजूद लंबित चल रही मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की।
जिला अध्यक्ष ने बताया कि 3 जनवरी 2025 के शासनादेश और 12 दिसंबर को निदेशक बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों का समायोजन और स्थानांतरण किया जाना है। इसके प्रथम चरण में मूल विद्यालय वापसी की इच्छा रखने वाले शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में भेजा जाना है। इसके बावजूद मथुरा जनपद में करीब 11 महीने बीतने के बाद भी इस संबंध में आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि संगठन लगातार इस मांग को उठाता रहा है। तीन अगस्त 2026 को भी इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन किया गया था। उस समय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संगठन को लिखित आश्वासन दिया था कि जल्द ही शिक्षामित्रों को मूल विद्यालयों में वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
खेम सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश के लखनऊ बाराबंकी अंबेडकर नगर और बरेली सहित कई जनपदों में शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जा चुका है लेकिन मथुरा में प्रक्रिया लंबित है। इसके चलते अल्प मानदेय पाने वाले शिक्षामित्रों को अपने निवास स्थान से 60 से 70 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मांग पत्र पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को आवश्यक निर्देश भी दिए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला कोषाध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र सिंह के अलावा दीपक गुप्ता और जगराज गुर्जर शामिल रहे।