मथुरा के सपा नेता राजेंद्र फरारी पर दुष्कर्म और 40 लाख की वसूली के गंभीर आरोप, दिल्ली में मुकदमा दर्ज
युवती ने पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर भी लगाए ब्लैकमेलिंग में सहयोग के आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
मथुरा। जनपद में समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं को लेकर विवादों का सिलसिला चर्चा में है। स्थानीय नेता राजन रिजवी से जुड़े एक कथित प्रेम प्रसंग का मामला अभी चर्चा से बाहर भी नहीं हुआ था कि अब गोवर्धन क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ फरारी पर एक युवती ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि होना और मामले में न्यायालय का निर्णय आना अभी बाकी है।
दिल्ली पुलिस में दर्ज एफआईआर संख्या 0391/2026 24 सितंबर 2026 के अनुसार शिकायतकर्ता युवती मुखर्जी नगर क्षेत्र में पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही है। एफआईआर में राजेंद्र सिंह उर्फ फरारी पुत्र पदम सिंह, निवासी ग्राम नगला मोरा, तहसील गोवर्धन, जिला मथुरा को आरोपी बनाया गया है। युवती ने आरोपी की पत्नी नेहा चौधरी, पिता पदम सिंह और भाई सुरेश सिंह पर भी कथित ब्लैकमेलिंग में सहयोग करने के आरोप लगाए हैं। बताया जाता है मुकदमा दर्ज करने वाली युवती मथुरा के फरह क्षेत्र के एक गाँव की निवासी है।
शिकायत के मुताबिक युवती की मुलाकात राजेंद्र सिंह से मथुरा न्यायालय परिसर में हुई थी। आरोप है कि उसने खुद को अविवाहित बताकर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण का फ्लैट सस्ते में दिलाने का भरोसा दिया और टोकन मनी के रूप में करीब 6.5 लाख रुपये ले लिए।
युवती ने आरोप लगाया कि 6 सितंबर 2024 को मथुरा बार एसोसिएशन के हैदराबाद दौरे के दौरान एक होटल में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस दौरान अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए। शिकायत के अनुसार बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे कथित रूप से ब्लैकमेल किया जाने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि सितंबर 2024 से वर्ष 2026 के बीच अलग-अलग माध्यमों से ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 40 लाख रुपये लिए गए। उसने दिल्ली और मथुरा में कार तथा फ्लैट में कई बार दुष्कर्म किए जाने और विरोध करने पर मारपीट करने के आरोप भी लगाए हैं।
एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि नवंबर 2024 में युवती के नाम पर एक स्टूडियो अपार्टमेंट की कथित फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। उसके बैंक खाते से करीब 6.5 लाख रुपये का लेनदेन कराया गया और मार्च 2026 में संपत्ति दोबारा आरोपी के नाम करा ली गई। युवती का यह भी आरोप है कि उसके दोस्तों से 15 लाख रुपये उधार दिलवाकर लिए गए।
शिकायत के अनुसार जब युवती ने अपना फोन बंद कर संपर्क तोड़ने की कोशिश की तो 19 अगस्त 2025 को आरोपी उसके दिल्ली स्थित पीजी के सामने पहुंचकर हंगामा करने लगा। युवती ने आरोप लगाया है कि फर्जी पहचान और इंस्टाग्राम खातों के माध्यम से उसके परिवार तथा रिश्तेदारों को निजी फोटो-वीडियो भेजने की धमकी दी जा रही है। शिकायत में तेजाब से हमला करने और हत्या की धमकी देने की बात भी कही गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में 23 सितंबर 2026 को हैदराबाद के नामपल्ली थाने में जीरो एफआईआर संख्या 01/26 दर्ज होने के बाद दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण बाबू जगजीवन राम अस्पताल में कराया गया है।
मामले की जांच उपनिरीक्षक अंजलि तोमर को सौंपी गई है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल मंचों पर मौजूद बताए जा रहे निजी फोटो-वीडियो को हटवाने संबंधी शिकायत की भी जांच कर रही है। फिलहाल मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आरोपी तथा अन्य नामजद लोगों का पक्ष सामने आने और जांच के निष्कर्षों की प्रतीक्षा है।