आजादी का मतलब अराजकता और पिछड़ेपन से मुक्ति भी : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं बल्कि अराजकता पिछड़ेपन गरीबी अशिक्षा और असमानता से मुक्ति भी है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे हो चुके हैं और देश 80वें स्वतंत्रता दिवस में प्रवेश कर चुका है। यह दिन केवल समारोह तक सीमित रहने का नहीं बल्कि संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए किसी एक व्यक्ति जाति या संप्रदाय का नहीं बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का योगदान जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने मौजूद अराजकता अशिक्षा पिछड़ेपन और असमानता जैसी कई समस्याओं का पिछले आठ दशकों में समाधान हुआ है। बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोगों के बाहर आने शिक्षा के विस्तार और बिना भेदभाव सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि गरीब युवा महिला और किसान को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है। युवाओं के लिए रोजगार और आधुनिक तकनीक से जुड़ने के नए अवसर तैयार किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और एम्स की नई श्रृंखला के साथ रेलवे कनेक्टिविटी मेट्रो रैपिड रेल तथा वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

योगी ने कहा कि देश की आजादी लंबे संघर्ष त्याग और बलिदान का परिणाम है। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर इसका महत्वपूर्ण पड़ाव था। मंगल पांडेय रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों ने स्वतंत्रता की लौ को आगे बढ़ाया। उन्होंने महात्मा गांधी सरदार वल्लभ भाई पटेल डॉ. भीमराव अंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित सभी राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र मिलने का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले प्रदेश के अन्य अधिकारियों एवं जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से योगदान देना होगा। यही स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।