प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार , धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति ने किया मंजूर
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह घटनाक्रम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से इस नियुक्ति की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह स्वीकृति संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है। इसी बीच, राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री के रूप में अपना मौजूदा कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि दोहरी प्रभार व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में बिना किसी बाधा के निरंतरता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति के विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे नई व्यवस्था बिना किसी देरी के प्रभावी हो सकेगी। प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार करके और साथ ही अतिरिक्त प्रभार सौंपकर राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रधान के पद छोड़ने और प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में अंतरिम व्यवस्था को औपचारिक रूप दे दिया है। शिक्षा मंत्रालय के किसी भी दीर्घकालिक पुनर्गठन के संबंध में आगे की जानकारी उचित समय पर घोषित किए जाने की उम्मीद है।
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू किया और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम पहल कीं। इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह पूरी क्षमता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।