मुंबई । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को चौतरफा बिकवाली देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 715.06 अंक (0.92 प्रतिशत) टूटकर 76,755.05 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 191.45 अंक (0.79 प्रतिशत) लुढ़ककर 23,996.25 अंक पर आ गया। दोनों सूचकांकों का यह 09 जुलाई के बाद का निचला स्तर है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में तेजी रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा 4.5 प्रतिशत चढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इसने निवेश धारणा को कमजोर किया। वृहत बाजार में ज्यादा दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.14 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.54 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ऑटो और एफएमसीजी को छोड़कर सभी सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में रहे। रियल्टी और मीडिया सेक्टरों में ढाई प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। बैंकिंग, आईटी, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक टूट गये।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर साढ़े तीन प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, इटरनल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक नुकसान में रहे। सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, बीईएल, एलएंडटी, टीसीएस, टाटा स्टील और मारुति सुजुकी के शेयर भी लाल निशान में रहे।