ब्रज रज में राष्ट्रपति: 19 मार्च को कान्हा की नगरी आएंगी द्रौपदी मुर्मू , प्रेमानंद महाराज संग करेंगी सत्संग
तीन दिवसीय दौरे का खाका तैयार; अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद मथुरा पहुंचेंगी महामहिम, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अगवानी
वृंदावन/मथुरा। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 19 मार्च से तीन दिवसीय धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवास पर कान्हा की नगरी वृंदावन आ रही हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। राष्ट्रपति के इस दौरे का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के साथ उनका सत्संग और गिर्राज जी की परिक्रमा होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 19 मार्च की सुबह दिल्ली से अयोध्या पहुंचेंगी जहाँ वह रामलला के दर्शन और आरती में शामिल होंगी। अयोध्या से विशेष विमान द्वारा वह आगरा और फिर सेना के हेलीकॉप्टर से मथुरा के मोतीकुंज स्थित हेलीपैड पर उतरेंगी। यहाँ से वह सड़क मार्ग द्वारा वृंदावन प्रस्थान करेंगी। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और योगी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री उनकी अगवानी करेंगे।
दौरे के दूसरे दिन, 20 मार्च की सुबह राष्ट्रपति श्री हित राधा केली कुंज पहुंचेंगी, जहाँ वह संत प्रेमानंद महाराज के सानिध्य में सत्संग करेंगी। इसके पश्चात वह नीम करौली बाबा की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में उड़िया बाबा आश्रम, दावानल कुंड और वात्सल्य ग्राम का भ्रमण भी शामिल है, जहाँ वह दीदी माँ ऋतम्भरा के सेवा कार्यों को देखेंगी।
धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल में नवनिर्मित ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर इकाई) का उद्घाटन भी करेंगी। यह ब्रज क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। अपने प्रवास के अंतिम दिन यानी 21 मार्च को राष्ट्रपति गोवर्धन पहुंचेंगी। यहाँ दानघाटी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद वह ई-कार्ट के माध्यम से गिर्राज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा करेंगी। परिक्रमा पूर्ण कर वह गोवर्धन के पैंठा हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना होंगी।युद्ध स्तर पर नगर निगम मथुरा-वृंदावन मार्ग को सजाने-संवारने में दिन-रात जुटा है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर रूट मार्च और स्थलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। ट्रैफिक डायवर्जन: राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान वृंदावन के प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा।