लखनऊ । उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आईएएस शशांक चौधरी ने बुधवार को पिकप भवन स्थित यूपीडा मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के विकास के लिए भूमि क्रय एवं अधिग्रहण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में संबंधित जनपदों के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ यूपीडा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से जनपदवार रिपोर्ट लेकर औद्योगिक गलियारा परियोजना की प्रगति, भूमि चिन्हांकन, अधिग्रहण प्रक्रिया तथा नए प्रस्तावों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है, वहां भूमि खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे के आसपास उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
बैठक में यह भी बताया गया कि औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में हजारों हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है और बड़ी मात्रा में भूमि आपसी सहमति से खरीदी भी जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भूमि अधिग्रहण में आ रही प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी बाधाओं को शीघ्र दूर कर परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। बैठक में
अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक गलियारों के विकसित होने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक सुविधाएं मजबूत होंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक में नए चिन्हित जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि औद्योगिक विकास की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।