कोर्ट परिसर में नशाखोरी पर मथुरा ‘बार’ की सख्ती: बदनाम करने वालों पर गिरेगी गाज, सदस्यता तक होगी रद्द
मथुरा । न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखने के लिए बार एसोसिएशन मथुरा ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह (एडवोकेट) के निर्देश पर कोर्ट परिसर में नशाखोरी और अभद्र आचरण करने वालों के खिलाफ अंतिम चेतावनी जारी कर दी गई है। बार एसोसिएशन के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व तथा कुछ व्यक्ति न्यायालय परिसर में नशीले पदार्थों का सेवन कर अनुशासनहीनता फैलाते हैं। इससे न केवल आम जनता में गलत संदेश जाता है, बल्कि माननीय न्यायालय और बार एसोसिएशन की छवि भी धूमिल होती है।
एसोसिएशन के सचिव मनोज कुमार शर्मा (एडवोकेट) द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या अधिवक्ता कार्य समय के दौरान नशा करता हुआ पकड़ा जाता है अथवा नशे की हालत में न्यायालय परिसर में घूमता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषी अधिवक्ता को बार एसोसिएशन मथुरा की स्थायी सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित भी किया जा सकता है। इस निर्णय का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है। बार पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में अनुशासन और मर्यादा सर्वोपरि है तथा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम कोर्ट परिसर में सुरक्षित, सभ्य और गरिमामय वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। गौरतलब है कि यह आदेश 24 फरवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा।