अहमदाबाद । टी20 विश्वकप क्रिकेट के सुपर आठ के पहले ही मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम की करारी हार के लिए खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के साथ ही कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए गंभीर की लचर योजनाएं भी जिम्मेदार हैं।
मैच केवल मैदान पर नहीं खेला जाता बल्कि उससे कहीं ज्यादा दिमाग में खेला जाता है। टीम प्रबंधन ने यहां गलती कर दी। इसी कारण ग्रुप स्तर पर सभी मैच जीतने वाली टीम धीमी और काली मिट्टी के विकेट पर विफल रही। इस मैच में अंगुल के स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज सहज नहीं दिखे। न तो भारतीय टीम प्रबंधन की योजनाओं में स्पष्टता दिखी और न वह उन्हें अमल में ला पायी। यहां तक की पारी की शुरुआत कौन करेगा। ये भी अंत तक तय नहीं था। गंभीर अपने सबसे बेहतरीन 11 खिलाड़ी उतारने की बजाय लगातार प्रयोग करते दिखे।
वह भी ऐसे समय तब कि एक ही टीम उतारी जानी चाहिये। मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल की जगह पर अंतिम ग्यारह में वाशिंगटन सुंदर को उतरा गया। सुंदर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनो में विफल रहे। टीम में चयनित खिलाड़ी को ही अंत तक पता नहीं होता है कि वह अंतिम ग्यारह में है कि नहीं। इससे उनकी तैयार भी प्रभावित होती है जबकि विश्वकप खेलते समय टीम पहले से ही तय कर ली जाती है और वही पूरे समय खेलती है।