काशी और मथुरा का दिव्य मिलन: बाबा विश्वनाथ के धाम से कान्हा की नगरी के लिए रवाना हुआ ‘होली उपहार’

​श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 'लड्डू गोपाल' के लिए विशेष वस्त्र और प्रसाद लेकर मथुरा पहुंचेगी शोभायात्रा

​वाराणसी/मथुरा। काशी (भगवान शिव की नगरी) और मथुरा (भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली) के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने एक अनूठी परंपरा को आगे बढ़ाया है। रंगभरी एकादशी और होली के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि में विराजमान भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार, पूजित प्रसाद और होली समर्पण सामग्री ससम्मान भेजी गई है.

​श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीसीएस विश्वभूषण ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सनातन परंपरा की आत्मीय और आध्यात्मिक धारा का मिलन है जिस प्रकार हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि से बाबा विश्वनाथ के लिए गुलाल, प्रसाद और ब्रज की पारंपरिक होली की सामग्री काशी पहुँचती है उसी परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी काशी से कान्हा के लिए मंगल भेंट भेजी जा रही है।

​सोमवार, 23 फरवरी 2026 को बाबा विश्वेश्वर के धाम में विधि-विधान से पूजन के बाद उपहार सामग्री को मथुरा के लिए रवाना किया गया। इस भेंट में
​भगवान श्री लड्डू गोपाल के होली श्रृंगार हेतु विशेष वस्त्राभूषण। ​काशी के सुगंधित पुष्प और अबीर-गुलाल। ​बाबा विश्वनाथ के सानिध्य में पूजित प्रसाद और मिष्ठान। ​होली पर्व के लिए अन्य मंगलमय सामग्री।

​यह दिव्य उपहार शोभायात्रा 24 फरवरी की प्रातः मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचेगी। रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर शिव-शक्ति और राधा-कृष्ण के प्रेम और आनंद का यह संगम संपूर्ण भारत के सनातन धर्मावलंबियों के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है।

​न्यास ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, मथुरा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से देश भर के श्रद्धालुओं में एकता, प्रेम और भक्ति का संचार होता है। यह आयोजन दर्शाता है कि सनातन संस्कृति में विभिन्न तीर्थों के मध्य परस्पर सम्मान और आध्यात्मिक सहयोग की परंपरा आज भी जीवंत है।