यमुना की लहरों से उठा स्वच्छता का शंखनाद: गौ घाट पर उमड़ा जनसैलाब, युवा हाथों ने थामी सफाई की कमान
नगर आयुक्त और CEO ने स्वयं किया श्रमदान, स्थानीय प्रशासन के साथ जुड़े अंतरराष्ट्रीय हाथ
मथुरा। कान्हा की प्रिय कालिंदी (यमुना) को स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प शनिवार को उस समय धरातल पर उतरता दिखा जब मथुरा के ऐतिहासिक गौ घाट पर प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और विद्यार्थियों का त्रिवेणी संगम हुआ। “यमुना क्लीन-अप ड्राइव” के माध्यम से न केवल घाटों की सफाई की गई बल्कि ‘लेट्स सेव आवर रिवर’ (अपनी नदी बचाओ) के नारे के साथ पूरे ब्रज मंडल को पर्यावरण संरक्षण का कड़ा संदेश दिया गया।
इस महाअभियान की विशेषता यह रही कि प्रशासनिक अधिकारियों ने केवल निर्देश नहीं दिए बल्कि स्वयं झाड़ू थामकर और कूड़ा हटाकर श्रमदान किया। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त जग प्रवेश, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल और अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने अग्रिम पंक्ति में रहकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

यह कार्यक्रम मथुरा-वृंदावन नगर निगम, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स फाउंडेशन और वैल्यूसेन्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स फाउंडेशन की अध्यक्षा ब्रिगिट मैडलीन वैन बेरेन की उपस्थिति ने इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। तकनीकी निदेशक बारोरुचि मिश्रा और सलाहकार डॉ. विकास चतुर्वेदी सीए ने भी यमुना संरक्षण के लिए तकनीकी और सामाजिक ढांचे पर जोर दिया।
गुड़गांव के पाथवेज़ वर्ल्ड स्कूल और मथुरा-वृंदावन के कन्हा माखन स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जिस ऊर्जा के साथ घाट की सफाई की उसने यह सिद्ध कर दिया कि आने वाली पीढ़ी अपनी विरासत को बचाने के लिए पूरी तरह जागरूक है।
नगर आयुक्त जग प्रवेश ने कहा कि मथुरा-वृंदावन वैश्विक तीर्थ है। जब विद्यार्थी ऐसे अभियानों से जुड़ते हैं तो स्वच्छता की गूँज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचती है।
उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने कहा कि घाटों की स्वच्छता केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और ‘स्वामित्व’ का भाव है। तभी हमारे तीर्थ स्थल जगमगाएंगे।
सफाई अभियान में नगर निगम के जोनल सेनेटरी ऑफिसर, क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक, किंग ग्रुप और नेचर ग्रीन के कर्मचारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ जुटे रहे। अंत में सभी ने यमुना को सदैव स्वच्छ रखने की सामूहिक शपथ ली।