मथुरा । थाना शेरगढ़ पुलिस द्वारा वर्ष 1999 में गैंगस्टर एक्ट में फंसाए गए गांव जटवारी निवासी लोटन उर्फ सुरेश व नवल को अदालत ने 26 वर्ष बाद निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम अरविंद कुमार यादव की अदालत ने लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के अभाव में यह फैसला सुनाया।
आरोपी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार सिंह गुर्जर ने बताया कि 29 जनवरी 1999 को तत्कालीन थानाध्यक्ष जसपाल सिंह पंवार द्वारा दोनों ग्रामीणों को थाने बुलाकर गैंग चलाने, हिंसा करने व अवैध धन अर्जन के आरोपों में जेल भेज दिया गया था। अदालत में गवाहों से जिरह के दौरान पुलिस पक्ष कोई भी ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे अभियोजन की कहानी कमजोर साबित हुई।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों के विरुद्ध ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिससे उनका अपराधी होना सिद्ध हो। फैसले के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार सिंह गुर्जर ने कहा कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों से मुक्ति दिलाना उनकी प्राथमिकता है और न्याय में देरी से व्यक्ति मानसिक रूप से टूट जाता है, इसलिए शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता है।