बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी ने श्रद्धालु को बेंत से पीटा, सिर फोड़कर किया लहूलुहान
वृंदावन । शनिवार को वृंदावन में श्रद्धा और आस्था की नगरी को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जब बांके बिहारी मंदिर के एक गोस्वामी और श्रद्धालु के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना राधा बल्लभ मंदिर के पास सीढ़ियों वाले मार्ग पर हुई, जहां गोस्वामी ने श्रद्धालु पर बेंत से हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। घायल श्रद्धालु खून से लथपथ हो गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को बांके बिहारी मंदिर के शयन भोग पुजारी मनोज गोस्वामी किसी काम से जुगल घाट की ओर जा रहे थे। जब वह राधा बल्लभ मंदिर के पास सीढ़ियों वाले रास्ते पर पहुंचे, तभी वहां से गुजर रहे एक श्रद्धालु से उनका विवाद हो गया। पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
विवाद बढ़ने पर मनोज गोस्वामी ने श्रद्धालु पर बेंत से हमला कर दिया। एक बेंत सीधा श्रद्धालु के सिर पर जा लगा, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। श्रद्धालु के साथ मौजूद उसकी पत्नी उसे संभालती नजर आई। गंभीर चोट लगने के बावजूद गोस्वामी ने बेंत चलाना बंद नहीं किया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों को अलग कराया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। श्रद्धालु का नाम कुशेंद्र यादव निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश हैं। श्रद्धालु पत्नी के साथ आए हुए थे। बांके बिहारी के दर्शन कर राधावल्लभ मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान झगड़ा हुआ था। श्रद्धालु का आरोप है कि गोस्वामी किसी युवक से झगड़ रहे थे,बीच बचाव किया तो उस युवक को छोड़कर कुशलेंद्र से झगड़ने लगे। घटना की सूचना मिलते ही बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और आरोपी गोस्वामी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस उसे बांके बिहारी पुलिस चौकी ले गई।
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आस्था के केंद्र वृंदावन में इस तरह की हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि आरोपी गोस्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी भक्त के साथ इस तरह की घटना न हो। सरेआम हुई इस मारपीट की घटना ने मंदिर क्षेत्रों की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है। मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि वृंदावन आने वाले श्रद्धालु खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।