मथुरा । हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रख, हार जाए चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख। इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है मथुरा के कदम्ब विहार निवासी सुमित इसरानी ने। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर सुमित ने अपनी मेहनत के दम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयनित होकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जनपद के सिंधी समाज का मान बढ़ाया है। कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से चयनित सुमित इसरानी जब प्रशिक्षण के लिए राजस्थान रवाना होने मथुरा रेलवे जंक्शन पहुंचे, तो वहाँ का नजारा देखने लायक था। मिशन स्माइल सिंधी वेलफेयर फाउंडेशन और सिंधी जनरल पंचायत के पदाधिकारियों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। फाउंडेशन की अध्यक्षा गीता नाथानी, महासचिव अनिता चावला और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री ने सुमित को तिलक लगाकर, फूलमालाएं और पाटुका पहनाकर सम्मानित किया।
सिंधी जनरल पंचायत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री ने कहा कि सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी के पुत्र सुमित ने लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत को गौरवान्वित किया है। मथुरा से देश की सुरक्षा फोर्स में पहुंचने वाले वे संभवतः समाज के पहले युवा हैं। गीता नाथानी और अनिता चावला ने सुमित की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा हैं कि
”CISF देश के सामरिक प्रतिष्ठानों, जैसे परमाणु ऊर्जा केंद्र, हवाई अड्डों और मेट्रो की सुरक्षा करने वाली महत्वपूर्ण इकाई है। सुमित का चयन समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा कि मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
सुमित के पिता किशोर इसरानी एक कपड़े की दुकान पर कार्य करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की शिक्षा और सपनों में कभी कमी नहीं आने दी। सुमित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और निरंकारी सतगुरु के आशीर्वाद को दिया है। इस दौरान समाज के गणमान्य लोगों ने सुमित के माता-पिता का भी अभिनंदन किया।