यूपी का ‘महासंकल्प’: ₹9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट, 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर योगी का मास्टरस्ट्रोक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने अब तक का सबसे विशाल 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर नया इतिहास रच दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किया गया यह बजट केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव से पहले विकास, विश्वास और युवाओं के सुनहरे भविष्य का रोडमैप है। बजट में युवाओं, किसानों और महिलाओं को केंद्र में रखते हुए प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम योगी ने कहा, 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट पेश हुआ। देश की सबसे बड़ी आबादी का बजट है। किसान, युवा, महिला का बजट है। 9 साल में उत्तर प्रदेश पर राय बदली है। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया। 9 साल में एक भी टैक्स नहीं लगा। नौ वर्ष में तीन गुना से अधिक उत्तर प्रदेश का बजट बढ़ा है। बजट की थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशाल किसान”। दो लाख करोड़ की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए है। सीएम योगी ने कहा, यह पहली बार हुआ है कि कोई एक सरकार का 10वीं बार बजट प्रस्तुत हो रहा है। नौ वर्ष में कोई भी टैक्स नहीं लगाया गया है। ‘सिटी इकनोमिक जोन’ यह क्लस्टर डेवलेप करने की नई कार्यवाही के लिए बजट में प्रावधान किया गए हैं। “रूल ऑफ लॉ” रियल ग्रोथ की गारंटी है। यूपी में 50 लाख करोड़ का निवेश..अन्नदाता किसान केवल लाभार्थी नहीं है। विकास में भागीदार है। सीएम योगी ने बजट को लेकर कहा, 43,565 करोड़ रुपए की धनराशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित है। 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च नए निर्माण पर खर्च कर रहे हैं। यहीं से रोजगार और विकास की गति मिलती है। इन 9 साल में एक भी अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया गया है। यूपी में जो कर चोरी की शिकायतें थीं, उसे रोका गया।


बजट की पांच ‘ बड़ी बातें:
ऐतिहासिक आकार: पिछले वर्ष की तुलना में भारी बढ़ोतरी के साथ बजट का कुल आकार ₹9.12 लाख करोड़ पहुँचा।

बेरोजगारी पर प्रहार: राज्य में बेरोजगारी दर गिरकर 2.24% के न्यूनतम स्तर पर आई।

आर्थिक उड़ान: प्रदेश की GSDP 30.25 लाख करोड़ आँकी गई; 13.4% की विकास दर के साथ यूपी बना ‘पावरहाउस’।

निवेश का सैलाब: ₹15 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतरा; यूपी बना देश का ‘मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब’ (65% हिस्सेदारी)।

गरीबी से मुक्ति: पिछले वर्षों में 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के जाल से बाहर निकले।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार यह बजट ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की नींव है। हमने प्रति व्यक्ति आय को दोगुना किया है और अब हमारा लक्ष्य प्रदेश को एग्री-एक्सपोर्ट हब बनाकर किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि करना है।”

प्रमुख उपलब्धियां और लक्ष्य
किसानों की ‘जय-जयकार’: आलू और गेहूं उत्पादन में यूपी देश में नंबर-1। अब राज्य को बनाया जाएगा ‘एग्री एक्सपोर्ट हब’।

बढ़ती आय: प्रति व्यक्ति आय ₹1.10 लाख तक पहुंची, अगले साल ₹1.20 लाख का लक्ष्य।

रोजगार का रोडमैप: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए भविष्य में 10 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद।

बुनियादी ढांचा: एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक गलियारों के जाल से निवेश को मिली रफ्तार।