कमिश्नर के तेवर तल्ख: गोकुल में औचक निरीक्षण के बाद बोले— ‘सुंदर मथुरा’ के मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

मथुरा । विशेष संवाददाता आगरा मण्डल के आयुक्त एवं मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण (MVDA) के अध्यक्ष नगेन्द्र प्रताप मंगलवार को पूर्णतः ‘एक्शन मोड’ में नजर आए। गोकुल क्षेत्र के औचक निरीक्षण और उसके बाद हुई मैराथन बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ब्रज का विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उच्च गुणवत्ता के साथ दिखना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘सुनियोजित विकास – सुंदर मथुरा’ के विजन में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों को जमींदोज किया जाएगा।

ग्राउंड जीरो पर परखी हकीकत, टीएफसी और रसखान समाधि का जायजा

मंगलवार को आयुक्त नगेन्द्र प्रताप भारी प्रशासनिक अमले के साथ गोकुल पहुंचे। उन्होंने यहाँ निर्माणाधीन टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (टी.एफ.सी.), रसखान समाधि और वासुदेव वाटिका का सघन निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को बारीकी से परखा और कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स को डेडलाइन के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

‘सुंदर मथुरा’ की परिकल्पना: धार्मिक गरिमा का रखा जाए ध्यान

निरीक्षण के पश्चात रसखान समाधि सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को विजन डॉक्यूमेंट समझाया। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृन्दावन देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहाँ का विकास केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सशक्त करने वाला होना चाहिए। सौंदर्यीकरण के साथ मूलभूत सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी और स्वच्छता) पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए गए।

अवैध निर्माण पर सख्त हंटर, अभियान चलाकर होगी कार्रवाई

शहर में बढ़ते अनियोजित विकास और अवैध कॉलोनियों को लेकर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सचिव और उपाध्यक्ष को निर्देश दिए कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना होने वाले किसी भी निर्माण को बर्दाश्त न किया जाए। आयुक्त ने कहा, “अवैध निर्माण नियोजित विकास के दुश्मन हैं, इनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करें।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण पनपता है, तो संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता की जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को चेतावनी

रिपोर्टिंग में पारदर्शिता और नियमित मॉनिटरिंग बैठक के दौरान उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी एन और सचिव आशीष कुमार सिंह की मौजूदगी में आयुक्त ने कार्यशैली में बदलाव के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की ‘रियल-टाइम मॉनिटरिंग’ की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय जांच और कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

​ निरीक्षण और बैठक के दौरान उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी एन, सचिव आशीष कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता सहित प्राधिकरण का समस्त तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा।