मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में बड़ा फेरबदल: अवर अभियंताओं के कार्यक्षेत्र बदले, अवैध निर्माणों पर नकेल कसने की तैयारी
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया गया है। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. के निर्देशानुसार सचिव आशीष कुमार सिंह ने सोमवार को एक कार्यालय आदेश जारी करते हुए शहर के विभिन्न सेक्टरों में तैनात अवर अभियंताओं के कार्यक्षेत्रों में व्यापक बदलाव किए हैं। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाना और शमन संबंधी मानचित्रों की पत्रावलियों का त्वरित निस्तारण करना है।

प्राधिकरण ने पूरे क्षेत्र को 12 सेक्टरों में विभाजित करते हुए जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:
वृंदावन क्षेत्र: सेक्टर-01 (छटीकरा से वृंदावन दांई ओर) की जिम्मेदारी सुनील कुमार राजौरिया को दी गई है जबकि सेक्टर-02 (वृंदावन शहर) का कार्यभार बदन सिंह संभालेंगे।
मथुरा शहर व यमुना पार: सेक्टर-03 (यमुना पार) के लिए अनिल सिंघल और सेक्टर-04 (मथुरा शहर) के लिए बदन सिंह को नामित किया गया है।
हाईवे और सीमावर्ती क्षेत्र: सेक्टर-05 (गोकुल बैराज से आगरा सीमा) की जिम्मेदारी मनोज अग्रवाल को मिली है। वहीं गोवर्धन-राधाकुण्ड क्षेत्र (सेक्टर-10) का जिम्मा हिमांशु दिवाकर को सौंपा गया है।
कोसी-नन्दगाँव क्षेत्र: सेक्टर-11 में मनोज अग्रवाल कार्यों की देखरेख करेंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनिल सिंघल (अवर अभियंता) के अवकाश से लौटने तक उनके आवंटित क्षेत्र (सेक्टर-03) का कार्य बदन सिंह द्वारा अतिरिक्त रूप से देखा जाएगा।
भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस
सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल उन शिकायतों के बाद किया गया है जिनमें कुछ क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों की गति बढ़ने की बात सामने आई थी। नए आवंटन के बाद अब अवर अभियंताओं के साथ-साथ संबंधित सहायक अभियंताओं जैसे पंकज शुक्ला, सुमित कुमार-प्रथम और सुमित कुमार-द्वितीय की जवाबदेही भी तय कर दी गई है।