नई दिल्ली । राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तापक्ष ने पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी का अपमान किया और विपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण के समय विपक्षी दलों ने उच्च सदन से बहिर्गमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। हालांकि विपक्षी दलों के सदस्य सदन से बाहर चले गए।
खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महामहिम राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा का उत्तर देने आए थे। हम उन्हें सुनना चाहते थे, लेकिन हम चार दिन से देख रहे हैं कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को बोलने नहीं दिया जा रहा है।’’
उनका कहना था, ‘‘हम संसद में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, युवाओं के लिए रोजगार और डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर अपनी बात रखना चाहते थे। हम सभी विपक्षी दलों ने ये तय किया था कि अगर लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने दिया गया, तो हम प्रधानमंत्री की बात जरूर सुनेंगे। लेकिन ऐसा लगता है कि सत्ता पक्ष ने ठान लिया है कि दोनों सदनों में नेता विपक्ष को बोलने नहीं देना है।’’
खरगे ने कहा, ‘‘अगर मेरी बात सुनी जाती तो गतिरोध खत्म हो सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी सरकार हमारे नेताओं का अपमान करती है और विपक्ष को अपनी बात रखने नहीं देती, इसलिए हमने इसकी निंदा की और सदन से वॉकआउट कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि जिन महान नेताओं ने देश के लिए कुर्बानियां दीं और देश को आजादी दिलाई, उनके बारे में एक सांसद द्वारा अपशब्द कहा गया और पूरा सत्तापक्ष चुपचाप सुनता रहा।
खरगे ने कहा, ‘‘पंडित नेहरू जी ने आधुनिक भारत बनाया तो इंदिरा गांधी जी देश में जागृति लेकर आईं। ऐसे लोगों को सदन में भला-बुरा कहा जाता है, जिसका हम खंडन करते हैं।’’