मथुरा में यमुना प्रदूषण की भयावह तस्वीर: बदहाल एसटीपी और नाले में पड़े मृत पशु
कांग्रेस ने मसानी नाले स्थित एसटीपी का किया निरीक्षण, हालात देख जताई कड़ी नाराजगी
मथुरा। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पं. यतेंद्र मुकद्दम ने कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ मसानी नाले पर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आए हालात बेहद चिंताजनक पाए गए, जिससे यमुना प्रदूषण की गंभीर स्थिति उजागर हुई।
निरीक्षण में एसटीपी पूरी तरह जर्जर और निष्क्रिय अवस्था में मिला। प्लांट का संचालन लगभग ठप पाया गया, जिसके चलते मसानी नाले की गंदगी बिना किसी शोधन के सीधे यमुना नदी में प्रवाहित हो रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस प्लांट का लाभ जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है और यह केवल कागजों में संचालित प्रतीत हो रहा है।
निरीक्षण के दौरान नाले और एसटीपी परिसर के आसपास पांच से सात मृत पशु पड़े मिले। मौके पर इनके फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए। आशंका जताई गई कि नाले के भीतर और आसपास और भी मृत पशु हो सकते हैं, जिनका कोई लेखा-जोखा नहीं है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ा रही है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा संकलित साक्ष्य स्पष्ट करते हैं कि नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही के चलते यमुना नदी को लगातार प्रदूषित किया जा रहा है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पं. यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि “यह स्थिति भाजपा की असंवेदनशील और यमुना विरोधी नीति को उजागर करती है। एक ओर आस्था की बात की जाती है, दूसरी ओर नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही से यमुना में गंदगी और मृत पशु पहुंचाए जा रहे हैं। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है।”
उन्होंने कहा कि यमुना प्रदूषण, मृत पशुओं की दुर्दशा और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ के लिए भाजपा शासित नगर निगम, महापौर और संबंधित अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। यदि शीघ्र ही एसटीपी को दुरुस्त कर नालों की गंदगी रोकी नहीं गई और मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन करेगी।
निरीक्षण के दौरान आनंद शर्मा, राहुल चतुर्वेदी, शिवकुमार गौतम (बंटी), निशांत शर्मा, महेश छत्रवेदी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।