Budget 2026 मिडिल क्लास को बजट से निराशा, यह केवल औसत बजट : मनीष शोरावाला

मथुरा । केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्रों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस क्रम में क्षेत्रीय उपयोग परामर्श समिति के सदस्य एवं नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व महामंत्री मनीष शोरावाला ने बजट को आम आदमी के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे एक औसत बजट करार दिया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट विशेष रूप से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वर्ग के लिए कोई खास राहत लेकर नहीं आया है। इनकम टैक्स में किसी प्रकार की छूट न दिया जाना सरकार का ठोस कदम नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि केवल इनकम टैक्स फाइलिंग में कुछ प्रक्रियागत छूट देना छोटे करदाताओं के लिए पर्याप्त नहीं है।
मनीष शोरावाला ने कहा कि इस बजट में जीएसटी में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और न ही महंगाई को कम करने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान किया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में भी कोई बड़ा सुधार या नई घोषणा नजर नहीं आती।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बजट में दूरगामी सोच के कुछ संकेत जरूर हैं। सोलर ऊर्जा से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता करने तथा कस्टम ड्यूटी में कमी करने का प्रावधान आने वाले समय में देश के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और भविष्य में आम लोगों को इसका फायदा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट किसी वर्ग के लिए विशेष लाभकारी नहीं कहा जा सकता। न इसमें आम आदमी को तुरंत राहत देने वाले कदम हैं और न ही व्यापार व उद्योग के लिए कोई बड़े प्रोत्साहन की घोषणा की गई है। यह बजट केवल एक संतुलित लेकिन औसत बजट प्रतीत होता है, जिससे किसी को भी कोई विशेष लाभ की उम्मीद कम ही नजर आती है।