प.उ.प्र. में मांट के विधायक बने राजनीति का नया पावर सेंटर, विरोधी सदमे में
ब्रज क्षेत्र की राजनीति का नया केंद्र बना मांट
मथुरा। वर्तमान समय में पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में जनपद मथुरा की मांट तहसील के विधायक राजेश चौधरी का दबदबा साफ तौर पर यकायक बढ़ गया है। मथुरा जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों जिलों में उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि राजेश चौधरी अब केवल मांट तक सीमित नेता नहीं रहे, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुके हैं।
खास बात यह है कि उनकी राजनीतिक सक्रियता और प्रभावशाली पकड़ से प्रशासनिक अमला भी खासा प्रभावित नजर आ रहा है। विकास कार्यों से लेकर क्षेत्रीय समस्याओं तक, हर मुद्दे पर उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। यही कारण है कि नौकरशाही के गलियारों में भी उनका नाम प्रभावशाली नेताओं की सूची में तेजी से जुड़ता जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, उनके राजनीतिक विरोधी पूरी तरह बैकफुट पर दिखाई दे रहे हैं। जो कभी मैदान में चुनौती देते नजर आते थे वे अब राजनीतिक परिदृश्य से लगभग गायब से हो गए हैं। हालात यह हैं कि विरोधी खेमा न दिन चैन से रह पा रहा है और न रात को सुकून की नींद ले पा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मांट विधायक राजेश चौधरी की बढ़ती ताकत आने वाले समय में पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा समीकरण बदल सकती है। उनकी सक्रियता और संगठन पर पकड़ ने उन्हें क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली नेता बना दिया है।
मथुरा से निकलकर आसपास के जिलों तक फैला यह राजनीतिक प्रभाव अब यह संकेत दे रहा है कि मांट विधानसभा केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि पश्चिम यूपी की राजनीति का उभरता हुआ शक्ति-केंद्र बनती जा रही है।
मांट विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी का आवास इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीति का नया शक्ति-केंद्र बनकर उभरा है। बीते कुछ दिनों से उनके आवास पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सरकार के दिग्गजों की लगातार मौजूदगी ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। यह न केवल क्षेत्र में विधायक की मजबूत पकड़ को दर्शाता है, बल्कि संगठन और सरकार दोनों में उनके बढ़ते कद का भी स्पष्ट संकेत देता है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्रज क्षेत्र का विशेष महत्व रहा है और वर्तमान समय में मांट विधानसभा चर्चा के केंद्र में है। विधायक राजेश चौधरी के आवास पर लगातार हो रहे उच्चस्तरीय आगमन ने इसे राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना दिया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विधायक के आवास पर पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि मांट के विकास और नेतृत्व पर शासन का विशेष भरोसा है। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक रणनीति पर भी मंथन हुआ। विधायक राजेश चौधरी के आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया। नितिन नवीन की उपस्थिति ने संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया। पंकज चौधरी के आगमन ने प्रदेश संगठन की सक्रियता को दर्शाया। कई विधायकों और मंत्रियों की मौजूदगी ने इस आवास को मानो “लघु विधानसभा” में तब्दील कर दिया।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का विधायक राजेश चौधरी के आवास पर पहुँचना राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्री पाठक और विधायक के आत्मीय संबंधों ने क्षेत्र की जनता को यह भरोसा दिलाया है कि मांट की समस्याएँ अब सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुँच रही हैं।
विधायक राजेश चौधरी के आवास पर सत्ता और संगठन के शीर्ष चेहरों का जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि वे एक कुशल रणनीतिकार और जनप्रिय नेता के रूप में उभर चुके हैं। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री तक का उनके द्वार पहुँचना, उनके प्रति विश्वास और सम्मान की गहराई को दर्शाता है।
ब्रज की राजनीति और मांट के विकास के लिए यह “दिग्गजों का मिलन” आने वाले समय में ऐतिहासिक साबित हो सकता है।