“स्वर्ण कला भारत की विरासत है” — बजट 2026 को लेकर AIJGF ने रखी अहम मांगें
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महामंत्री अमित गोयल ने बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार से आभूषण उद्योग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण कला भारत की सांस्कृतिक विरासत है और इसे संरक्षित व सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
आयात शुल्क में कमी की मांग
फेडरेशन ने सोने पर लगने वाले आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) को कम करने की पुरजोर मांग की है। अमित गोयल ने कहा कि इससे सोने की कीमतों में कमी आएगी और तस्करी पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
कंज्यूमर ड्यूरेबल का दर्जा
AIJGF की एक प्रमुख मांग है कि आभूषण उद्योग को ‘कंज्यूमर ड्यूरेबल’ श्रेणी में शामिल किया जाए। इससे ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की तरह आभूषण खरीदने के लिए बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
डायनामिक ड्यूटी एडजस्टमेंट
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते विभिन्न देशों के साथ उत्पन्न होने वाली शुल्क विसंगतियों (ड्यूटी आर्बिट्राज) को रोकने के लिए फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि सरकार बजट का इंतजार किए बिना घरेलू आयात शुल्क में बदलाव की गतिशील व्यवस्था लागू करे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
आभूषण उद्योग में व्यापार प्रक्रिया को सरल बनाने और अनावश्यक कागजी कार्यवाही कम करने की मांग भी की गई है, ताकि छोटे स्वर्णकार और कारीगर भी मुख्यधारा के व्यापार से जुड़ सकें।
उद्योग और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
अमित गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुधारों से घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी और भारत वैश्विक स्तर पर आभूषण निर्यात का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती और आसान ऋण सुविधा से मध्यम वर्ग का रुझान पुनः सोने व आभूषणों की ओर बढ़ेगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत होगा।